SIR Voter List Controversy : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार सुनियोजित तरीके से नागरिकों के मतदान के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में वयस्क नागरिकों को वोट देने का अधिकार प्राप्त है और इसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवाओं के प्रदर्शन को दबाने का लगाया आरोप
जयराम रमेश के मुताबिक, मतदाता सूची से जुड़े विवादों को लेकर चिंतित युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनके विरोध को रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी युवाओं के आंदोलन से घबराई हुई है। रमेश ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है और राजधानी की सड़कों पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप काम किया है। उन्होंने दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों के निलंबन का जिक्र करते हुए संसद में पारित एक कानून पर भी सवाल उठाए। रमेश के आरोपों के मुताबिक, इस कानून के जरिए निर्वाचन आयुक्तों को कानूनी संरक्षण दिया गया। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कथित तौर पर गलत जानकारी देने के आरोपों के कारण मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा नैतिक रूप से जरूरी हो गया है।
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा केवल पहला कदम: जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में केवल शुरुआती कदम होगा। उनके अनुसार, मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर आगे भी संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों, खासकर युवाओं से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। कांग्रेस नेता ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग भी उठाई।
SIR के जरिए 14 करोड़ लोगों के मताधिकार पर सवाल
जयराम रमेश ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के जरिए अब तक लगभग 14 करोड़ भारतीयों का मताधिकार प्रभावित हुआ है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। हालांकि, 14 करोड़ लोगों के मताधिकार छीने जाने का आंकड़ा जयराम रमेश का दावा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार जारी है।
राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर दिया संदेश
इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “ज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार जाएगी, फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत।” इस पोस्ट को कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग के नेतृत्व और केंद्र सरकार के खिलाफ जारी राजनीतिक अभियान के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राहुल गांधी के बयान के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है।
चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र पर तेज हुई बहस
CJP के प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई और SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा की मांग कर रहा है, जबकि आरोपों की पुष्टि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण रहेगा। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं इस विवाद की दिशा तय कर सकती हैं।
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