Cloudburst Chamoli : उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में गुरुवार तड़के चार स्थानों पर बादल फटने की घटनाओं से भारी तबाही मची। कुंतरी लगा फाली, कुंतरी लगा सरपाणीं, सेरा और धुर्मा गांव में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह अन्य अभी भी लापता हैं। राहत-बचाव कार्य जारी है और 200 से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।

दो शव बरामद, कई लोग मलबे में दबे
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल से दो शव बरामद किए गए हैं। मृतकों की पहचान नरेंद्र सिंह (38) और जगदंबा प्रसाद (70) के रूप में हुई है। कुंतरी लगा फाली गांव से चार लोग, जबकि धुर्मा गांव से एक व्यक्ति को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अधिकारियों के अनुसार, 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। उन्हें ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया है।

45 मकान और 15 गोशालाएं पूरी तरह तबाह
SEOC के अनुसार, इन घटनाओं में करीब 45 मकान और 15 गोशालाएं पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। कुंतरी क्षेत्र, जो पहले से ही भूधंसाव और मकानों में दरारों से जूझ रहा था, अब पूर्ण रूप से प्रभावित हो चुका है। यहां 16 मकानों के खतरे की जद में आने के कारण 64 लोगों को पहले ही राहत शिविरों में भेजा गया था।
मुख्यमंत्री धामी ने लिया स्थिति का जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना की जानकारी मिलते ही देहरादून स्थित SEOC पहुंचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि चार गांवों में हुई इस आपदा से भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। “गंभीर रूप से घायलों का इलाज एम्स में चल रहा है। एक घायल बच्चा भी है जिसे सिर में चोट आई है,” – सीएम धामी
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमें
प्रभावित क्षेत्रों में NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस व दमकल विभाग की टीमें राहत कार्यों में लगी हैं। कुंतरी लगा फाली गांव से लगभग 150-200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। सड़कें अवरुद्ध होने के कारण रेस्क्यू टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं।
तेज बारिश ने बढ़ाई तबाही
स्थानीय निवासी और ‘इंडियन रेडक्रॉस’ के जिला उपाध्यक्ष नंदन सिंह ने बताया कि तेज बारिश के दौरान बरसाती नालों से भारी मात्रा में मलबा गांवों की ओर आया जिससे कई लोग दब गए। मोख घाटी में नदी उफान पर आने से सेरा और धुर्मा गांव भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रभावितों के लिए सुविधाओं की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सड़क, बिजली, पेयजल और नेटवर्क सेवाओं की तत्काल बहाली के निर्देश दिए हैं। साथ ही आश्रय, भोजन, दवाइयों और चिकित्सकीय सहायता की भी पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।










