Earthquake Russia: रूस में एक बार फिर ज़मीन हिली है। इस बार भूकंप का केंद्र बना है कामचटका प्रायद्वीप, जहां देर रात दो बार ज़ोरदार झटके महसूस किए गए। भारतीय समयानुसार पहला भूकंप रात 12:28 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 मापी गई, जबकि दूसरा झटका 10 मिनट बाद 12:38 बजे आया, जिसकी तीव्रता 6.0 रही। भूकंप के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है।

गहराई में था भूकंप का केंद्र
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप कामचटका प्रायद्वीप के पूर्वी तट के पास समुद्र के नीचे 85 किलोमीटर की गहराई में आया। वहीं दूसरा भूकंप 30 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया।

रूसी स्टेट जियोफिजिकल सर्विस के मुताबिक, पहले भूकंप की तीव्रता 7.5 आंकी गई और उसके बाद लगातार पांच आफ्टरशॉक्स महसूस किए गए। झटकों की तीव्रता और गहराई को देखते हुए इलाके में भूस्खलन और तटीय क्षति की आशंका भी जताई जा रही है।
समुद्र में उठीं ऊंची लहरें, सुनामी का खतरा
भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत महासागर में ऊंची लहरें उठती देखी गईं। हवाई स्थित अमेरिकी राष्ट्रीय मौसम सेवा ने पूरे प्रशांत महासागर क्षेत्र में सुनामी अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से रूस के सुदूर पूर्वी तटीय इलाकों, जापान, अलास्का और अन्य प्रशांत तटीय देशों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नुकसान का आंकलन जारी
फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कामचटका के स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कई क्षेत्रों में बिजली और संचार व्यवस्था बाधित हुई है। बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं और इलाके की निगरानी जारी है। स्थानीय लोगों को तटीय क्षेत्रों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
क्यों है कामचटका इतना संवेदनशील?
कामचटका प्रायद्वीप पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शामिल है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि के कारण अक्सर बड़े भूकंप आते रहते हैं।
अलर्ट पर हैं पड़ोसी देश
जापान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका जैसे देशों ने भी अपने-अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सुनामी आती है तो इसका प्रभाव चंद घंटों में ही दूर-दराज के तटों तक पहुंच सकता है।










