Cloudburst Ramban : जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में शनिवार तड़के बादल फटने की भयावह घटना सामने आई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर रवाना हो चुकी हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है।

बादल फटने से मची अफरा-तफरी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे राजगढ़ क्षेत्र में अचानक तेज बारिश और बादल फटने की घटना हुई। देखते ही देखते नालों में जलप्रवाह कई गुना बढ़ गया, जिससे कई घर, गौशालाएं और फसलें बह गईं। ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों की ओर भागे।

3 शव बरामद, 4 की तलाश जारी
अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी पहचान स्थानीय ग्रामीणों के रूप में हुई है। प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें तैनात कर दी हैं। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। लापता लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
बड़े पैमाने पर हुआ नुकसान
बादल फटने से कई मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। कुछ घर पूरी तरह से पानी में बह गए, जबकि कई अन्य जमीन धंसने और मलबे में दबने से क्षतिग्रस्त हो गए। क्षेत्र में बिजली और संचार सेवाएं भी बाधित हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं और उन्हें खाना, पानी और दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, उन्होंने राहत कार्यों में तेजी लाने और लापता लोगों की जल्द से जल्द तलाश के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और अधिक वर्षा की संभावना जताई है, जिससे क्षेत्र में भूस्खलन और बाढ़ की आशंका बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदियों और नालों के पास न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
रामबन के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने की यह घटना प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है। समय पर राहत और बचाव कार्यों की मदद से और अधिक जानमाल के नुकसान को रोका जा सकता है। लेकिन आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में मौसम पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है।
Read More : Kabr vs Mazar: कब्र और मजार में क्या अंतर है? जानिए धार्मिक और सांस्कृतिक पहलू











