Collector Divya Mishra :
Collector Divya Mishra : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में उस वक्त प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई, जब जिला कलेक्टर दिव्या मिश्रा अचानक सुबह-सुबह शहर की सड़कों पर पैदल ही निरीक्षण करने निकल पड़ीं। सुबह 6 बजे शुरू हुए इस औचक निरीक्षण ने नगर पालिका और अन्य संबंधित विभागों की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। शहर की साफ-सफाई से लेकर अतिक्रमण, चल रहे निर्माण कार्यों और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान कलेक्टर को हर मोर्चे पर भारी लापरवाही देखने को मिली। इस दौरान उन्होंने जनहित से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त तेवर अपनाए।
आमतौर पर दफ्तरों के खुलने के बाद होने वाले निरीक्षणों के उलट, कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने गुरुवार तड़के ही मोर्चा संभाला। बिना किसी पूर्व सूचना के वे शहर के मुख्य मार्गों और वार्डों का जायजा लेने पहुंचीं। कलेक्टर को इतनी सुबह सड़क पर देखकर नगर पालिका के अधिकारियों और सफाई दरोगाओं के हाथ-पांव फूल गए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था दावों के उलट बेहद बदहाल है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे थे और नालियों की सफाई लंबे समय से नहीं हुई थी। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर ही जमकर फटकार लगाई।
निरीक्षण का सबसे चौंकाने वाला पहलू ‘दूध गंगा’ क्षेत्र में सामने आया। यहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की धज्जियां उड़ती मिलीं। कलेक्टर जब एक मिठाई फैक्ट्री के भीतर पहुंचीं, तो वहां का नजारा देख वे आगबबूला हो गईं। फैक्ट्री के अंदर नाली का गंदा पानी रिस रहा था और खाद्य सामग्रियों के पास कीड़े रेंगते पाए गए। जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को अक्षम्य अपराध मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल ‘दूध गंगा’ को सील करने का फरमान जारी कर दिया। इसके साथ ही संबंधित मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बालोद शहर में व्याप्त गंदगी को लेकर लंबे समय से स्थानीय नागरिकों द्वारा शिकायतें की जा रही थीं। औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने इन शिकायतों को सही पाया। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और स्वच्छता निरीक्षकों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजों पर काम न करें, बल्कि धरातल पर सफाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि शहर की सफाई व्यवस्था में 24 घंटे के भीतर सुधार नहीं दिखा, तो दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सफाई के साथ-साथ कलेक्टर ने बालोद-राजनांदगांव मार्ग पर चल रहे सौंदर्यीकरण और सड़क निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। निर्माण कार्य की बेहद धीमी गति को देखकर कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के इंजीनियरों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निर्माण में देरी से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि शहर की छवि भी प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने विभाग को कड़ा निर्देश देते हुए 20 अप्रैल तक हर हाल में कार्य पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।
निरीक्षण के दौरान शहर के मुख्य बाजारों में फैले अतिक्रमण पर भी कलेक्टर की नजर गई। सड़कों के किनारे अवैध रूप से लगाई गई दुकानों और सामग्री के कारण आवाजाही में हो रही दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने नगर पालिका को नियमित रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने को कहा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को संदेश दिया कि वे सुस्ती त्यागें और फील्ड पर उतरकर जनता की समस्याओं का समाधान करें। कलेक्टर की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बालोद में अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने मीडिया और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिले के नागरिकों को शुद्ध खाद्य पदार्थ और स्वच्छ वातावरण देना प्रशासन की प्राथमिकता है। ‘दूध गंगा’ जैसी लापरवाही किसी भी संस्थान में पाई गई, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राजस्व और खाद्य विभाग की एक संयुक्त टीम बनाने का निर्देश दिया है जो निरंतर होटलों और फैक्ट्रियों की जांच करेगी। कलेक्टर के इस कड़े रुख से पूरे जिले के भ्रष्ट और कामचोर कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है।
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