Ambikapur News : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले पर ध्वजारोहण की ऐतिहासिक परंपरा और उसकी मर्यादा को लेकर सियासत गरमा गई है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस वर्ष प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रशंसा कर परंपरा को तोड़ दिया।

परवेज़ आलम गांधी का कहना है कि आज़ादी के बाद से अब तक किसी भी प्रधानमंत्री ने लालकिले से दिए गए संबोधन में किसी संगठन या राजनीतिक दल का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह और यहां तक कि अटल बिहारी वाजपेयी तक सभी ने इस परंपरा का सम्मान किया। खुद प्रधानमंत्री मोदी भी 11 बार ध्वजारोहण कर चुके हैं, लेकिन कभी ऐसा नहीं किया था।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का लालकिले समारोह में शामिल न होना बिल्कुल उचित है, क्योंकि पिछले वर्ष उन्हें पीछे की पंक्ति में बैठाकर अपमानित किया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र में विपक्ष का नेता ‘शैडो प्रधानमंत्री’ होता है और जहां सम्मान न मिले, वहां उपस्थित होना आवश्यक नहीं।
परवेज़ आलम गांधी ने प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी अब संघ द्वारा तय 75 वर्ष की आयु सीमा के दबाव में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्गदर्शक मंडल में भेजे जाने के डर से प्रधानमंत्री हर मर्यादा तोड़ रहे हैं और संघ को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।











