India Gaza policy: कांग्रेस मीडिया प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाजा संघर्ष को लेकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने अच्छे मित्र अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ट्रंप की गाजा के लिए घोषित नई 20 सूत्री योजना का स्वागत किया है, लेकिन इस योजना पर गंभीर और बुनियादी सवाल अभी भी अनसुलझे हैं।
जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि इस प्रस्तावित प्रशासनिक ढांचे में गाजा के लोग स्वयं कहां हैं? उन्होंने कहा कि इस योजना में गाजा के लोगों की भागीदारी का कोई जिक्र नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि पूर्ण रूप से मान्यता प्राप्त फ़िलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए रोडमैप कहां है? उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका और इज़राइल कब तक फ़िलिस्तीनी राज्य के दर्जे की अनदेखी करते रहेंगे, जिसे पहले ही संयुक्त राष्ट्र के 157 सदस्य देशों ने मान्यता दे दी है और जिसकी पहल भारत ने नवंबर 1988 में की थी।
जयराम रमेश ने गाजा में हुए नरसंहार के लिए जवाबदेही भी मांगी। उन्होंने कहा कि पिछले बीस महीनों में वहां हुए भयावह अत्याचारों और निर्दोष नागरिकों की हत्याओं के लिए जिम्मेदारों को जवाब देना चाहिए। इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने इन अत्याचारों पर चुप्पी साध रखी है। उन्होंने इसे नैतिक कायरता और भारत के उन मूल्यों के साथ विश्वासघात बताया, जिनके लिए देश हमेशा खड़ा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए एक 20-बिंदु वाली योजना पेश की है। इसे इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्हाइट हाउस में संयुक्त रूप से घोषित किया गया। इस योजना का उद्देश्य गाजा में जारी युद्ध को समाप्त करना, सुरक्षा प्रदान करना और गाजा को पुनर्निर्माण करना है।
गाजा में युद्ध ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद भारी तबाही मचाई है, जिसमें लगभग 66,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस हमले में हमास ने 1,200 लोगों को मार डाला और लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया था। ट्रंप की यह योजना इस हिंसा को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश की आलोचना इस बात की ओर संकेत है कि विपक्ष को इस योजना में गाजा के लोगों की भूमिका और मानवीय मुद्दों पर संदेह है। उनका कहना है कि भारत को अपनी विदेश नीति में न केवल मित्र देशों के साथ एकजुटता दिखानी चाहिए, बल्कि नैतिकता और मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
गाजा संघर्ष और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्री योजना पर भारत की प्रतिक्रिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है। कांग्रेस के जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर स्पष्टता और नैतिक नेतृत्व की उम्मीद जताई है। साथ ही उन्होंने फिलिस्तीनी राज्य की मान्यता और गाजा में निर्दोष नागरिकों के लिए न्याय की मांग की है।
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