Congress MLA Arrested
Congress MLA Arrested: छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी कोर्ट के कड़े आदेश के बाद अमल में लाई गई है। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए एक किसान के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की और बड़ी रकम का गबन किया। 3 अक्टूबर 2025 को चांपा थाने में दर्ज हुई एफआईआर के बाद से ही पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही थी, जिसके परिणामस्वरूप अब यह बड़ी कार्रवाई हुई है।
यह पूरा मामला साल 2015 से 2020 के बीच का है, जब बालेश्वर साहू राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले जिला सहकारी समिति बम्हनीनडीह में प्रबंधक के पद पर तैनात थे। आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार की नींव रखी। पुलिस जांच के अनुसार, प्रबंधक रहते हुए उन्होंने बैंकिंग प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं की बारीकियों का फायदा उठाकर एक सोची-समझी साजिश के तहत किसान को अपने जाल में फंसाया।
धोखाधड़ी की कहानी तब शुरू हुई जब बालेश्वर साहू ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर पीड़ित किसान राजकुमार शर्मा को संपर्क किया। उन्होंने राजकुमार को उसकी 50 एकड़ जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से बड़ा लोन दिलाने का लालच दिया। विश्वास में लेकर उन्होंने पीड़ित का खाता एचडीएफसी (HDFC) बैंक में खुलवाया और सुरक्षा के नाम पर उससे कई खाली चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए। इन्हीं चेक और बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बाद में लाखों रुपयों की हेराफेरी की गई।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि पीड़ित से लिए गए खाली चेक का गलत इस्तेमाल कर बालेश्वर साहू ने करीब 24 लाख रुपये सीधे अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए। गबन यहीं नहीं रुका; आरोप है कि उन्होंने पीड़ित की मां और पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का उपयोग कर बैंक से कुल 42 लाख 78 हजार रुपये का अवैध आहरण किया। जब पीड़ित को इस बड़े गबन का पता चला, तब उसने न्याय के लिए पुलिस और प्रशासन का दरवाजा खटखटाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकुमार शर्मा ने लगातार शिकायतें कीं, लेकिन रसूख के कारण कार्रवाई में देरी हो रही थी। अंततः मामला न्यायालय पहुंचा, जहां सबूतों को प्राथमिक रूप से सही पाते हुए कोर्ट ने पुलिस को विधायक की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने न केवल स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है, बल्कि सहकारी समितियों में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस मामले में अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है ताकि गबन की पूरी राशि का पता लगाया जा सके।
सत्तारूढ़ दल के विधायक की गिरफ्तारी के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले ने कांग्रेस पार्टी के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है। जैजैपुर क्षेत्र की जनता के बीच भी अपने प्रतिनिधि की इस तरह की संलिप्तता को लेकर काफी चर्चा है। पुलिस अब विधायक को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि घोटाले की परतों को और स्पष्ट किया जा सके और पीड़ित किसान को उसका हक दिलाया जा सके।
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