Yogesh Murder Case
Yogesh Gowda Murder Case : कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे योगेश गौड़ा हत्याकांड में शुक्रवार को न्याय का बड़ा फैसला आया। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी सहित कुल 16 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट की पीठ ने इस मामले में सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी करार दिया। सजा के साथ-साथ अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि विनय कुलकर्णी केवल इस मामले में शामिल नहीं थे, बल्कि वे योगेश गौड़ा की हत्या की पूरी साजिश के मुख्य सूत्रधार थे। सीबीआई (CBI) की जांच रिपोर्ट और पेश किए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने माना कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते इस जघन्य हत्याकांड की योजना बनाई गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत से मांग की थी कि दोषियों को बिना किसी रियायत के कठोरतम सजा दी जाए, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए बचाव पक्ष की नरमी वाली अपीलों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
यह पूरा मामला 15 जून 2016 का है, जब कर्नाटक के धारवाड़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की उनके अपने जिम में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। योगेश गौड़ा अपनी फिटनेस रूटीन के लिए जिम पहुंचे थे, जहां हमलावरों ने उन पर घात लगाकर हमला किया। इस घटना ने उस समय पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी और इसे राजनीतिक प्रतिशोध का एक बड़ा उदाहरण माना गया था।
शुरुआत में इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की गई थी, लेकिन जांच की दिशा और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर लगातार सवाल उठते रहे। योगेश गौड़ा के परिवार और बीजेपी नेताओं ने तत्कालीन सिद्धारमैया सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था। साल 2019 में जब केंद्र की सिफारिश पर यह मामला सीबीआई (CBI) को सौंपा गया, तब जांच में तेजी आई और विनय कुलकर्णी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में साफ किया था कि कुलकर्णी ने योगेश गौड़ा को रास्ते से हटाने के लिए पेशेवर अपराधियों का सहारा लिया था।
अदालत के इस फैसले का सबसे बड़ा असर विनय कुलकर्णी के राजनीतिक करियर पर पड़ने वाला है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, यदि किसी मौजूदा विधायक या सांसद को दो साल या उससे अधिक की जेल की सजा सुनाई जाती है, तो उसकी विधानसभा सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द हो जाती है। कुलकर्णी की उम्रकैद की सजा के बाद उनकी विधायकी जाना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, उनके पास इस फैसले को उच्च न्यायालय (High Court) में चुनौती देने का विकल्प मौजूद है, लेकिन फिलहाल उन्हें जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
योगेश गौड़ा के परिवार ने इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आज न्याय की जीत हुई है। यह फैसला राज्य के अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और सत्ता की ताकत का उपयोग अपराध को छिपाने के लिए नहीं किया जा सकता। राज्य में इस फैसले के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दल कांग्रेस की घेराबंदी कर रहे हैं।
Read More : Mystery in USA: “परमाणु राज” जानने वाले 10 वैज्ञानिक गायब, व्हाइट हाउस ने मानी साजिश की आशंका,
GT vs KKR : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का 25वां मुकाबला अहमदाबाद के भव्य…
Trump vs NATO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा है…
Women Reservation Bill : संसद के विशेष सत्र का दूसरा शुक्रवार भारतीय संसदीय इतिहास में…
Women Reservation Bill : लोकसभा में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 की शाम भारतीय संसदीय इतिहास…
Women Reservation Bill : भारतीय संसदीय इतिहास में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला…
Unnao Suicide Case : उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली…
This website uses cookies.