Operation Sindoor controversy: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था, और भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमानों को मार गिराया था। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया, जिसके बाद उसे सीजफायर की शर्तों को मानने पर मजबूर होना पड़ा।

वायुसेना प्रमुख के इस बयान के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं और एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर संदेह जताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी ने अचानक ऑपरेशन को रोकने का फैसला क्यों किया? रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा, “एयर चीफ मार्शल के बयान के बाद यह और भी चौंकाने वाला है कि 10 मई की शाम को अचानक ऑपरेशन सिंदूर क्यों रोक दिया गया? प्रधानमंत्री पर किसका दबाव था और उन्होंने इतनी जल्दी क्यों झुकने का फैसला किया?”

कांग्रेस और विपक्षी दलों के आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इससे पहले भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल आरोप लगा चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोका गया, और इसके पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव था। कांग्रेस का कहना है कि ट्रंप ने हस्तक्षेप किया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यह निर्णय लिया। संसद में इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ था और विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया था।
ऑपरेशन सिंदूर की असल कहानी
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देने के लिए शुरू किया था। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमानों और 1 एईडब्ल्यू&सीएस विमान को मार गिराया था। यह लड़ाई 8 से 90 घंटे तक चली और पाकिस्तान को यह एहसास हुआ कि यदि वह इस संघर्ष को जारी रखता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
सीजफायर का ऐलान और ट्रंप का दावा
इस ऑपरेशन के दौरान 7 मई को भारत ने पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। 10 मई की शाम 5 बजे दोनों देशों के बीच सीजफायर का ऐलान किया गया। इस सीजफायर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कराई थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच शांति की स्थिति बनी। हालांकि, भारत सरकार ने बार-बार ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है और कहा है कि सीजफायर के लिए पाकिस्तान के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस) ने भारत के डीजीएमओ से संपर्क किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत हुई और सीजफायर हुआ।
वायुसेना प्रमुख के बयान और सीजफायर पर उठते सवालों ने एक बार फिर ऑपरेशन सिंदूर और पीएम मोदी की भूमिका को लेकर चर्चा को गरमा दिया है। कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांग रहे हैं, जबकि सरकार इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए है। अब यह देखना होगा कि भविष्य में इस मामले की जांच होती है या यह एक राजनीतिक बहस बनकर रह जाता है।
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