Constitution Day 2025
Constitution Day 2025: आज, 26 नवंबर, को संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसी ऐतिहासिक दिन 1949 में, स्वतंत्र भारत ने अपने संविधान को अंगीकार किया था। इस विशेष समारोह का नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया, जो पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आयोजित किया गया। अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों को संविधान दिवस की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए एक मिसाल है। उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
संविधान दिवस के इस राष्ट्रीय समारोह के अवसर पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया सहित 9 भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी किया।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, “संविधान दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर आप सभी के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आज ही के दिन 26 नवंबर, 1949 को संविधान भवन के इसी केंद्रीय कक्ष में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने का कार्य पूरा किया था। उसी वर्ष आज ही के दिन हम भारत के लोगों ने अपने संविधान को अंगीकार किया था।” उन्होंने प्रारूप समिति के अध्यक्ष बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान के प्रमुख निर्माताओं में से एक बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे संविधान का प्रारूपण, उस पर बहस और उसे संविधान सभा में भारत माता के हमारे महान नेताओं द्वारा किया गया। यह स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हमारे लाखों देशवासियों के सामूहिक ज्ञान, त्याग और सपनों का प्रतीक है।”
उन्होंने महान विद्वानों, प्रारूप समिति और संविधान सभा के सदस्यों के निस्वार्थ योगदान की सराहना की, जिन्होंने करोड़ों भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गहन विचार दिए। उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि “हमारा संविधान बुद्धिमत्ता और जीवंत अनुभव, त्याग, आशाओं और आकांक्षाओं से निर्मित हुआ है।” उन्होंने यह कहकर अपनी बात समाप्त की कि, “हमारे संविधान की आत्मा ने सिद्ध कर दिया है कि भारत एक है और सदैव एक रहेगा।”
इस राष्ट्रीय समारोह में देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर आसीन गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। राष्ट्रपति मुर्मू के अलावा, कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री और संसद सदस्य उपस्थित रहे। यह भव्य आयोजन न केवल संविधान को अंगीकार करने की वर्षगांठ का स्मरण कराता है, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थानों के प्रति सम्मान को भी दर्शाता है।
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