Balrampur Ramanujganj News : सनावल थाना पुलिस ने एक संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मजदूरी विवाद से जुड़े आत्महत्या प्रकरण में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह मामला उस समय सामने आया जब ग्राम सुंदरी निवासी 28 वर्षीय जय गोविंद मानिकपुरी ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस जांच में मजदूरी भुगतान विवाद और लगातार दी गई धमकियों का खुलासा हुआ है।

मामले का आरंभ ठेकेदार रामचंद्र मानिकपुरी से हुआ था, जिसने मृतक जय गोविंद को दो वर्ष पहले मजदूरी के लिए झांसी (उत्तर प्रदेश) काम पर ले जाकर राजमिस्त्री का काम कराया। मृतक का करीब एक लाख रुपए मजदूरी का भुगतान शेष था। जब जय गोविंद ने पैसा मांगा तो रामचंद्र ने उसे साफ इंकार कर दिया और डांटकर भगा दिया।

इसके बाद 30 जुलाई को मृतक जब अपने भाई की मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था, तो रास्ते में ठेकेदार के मजदूर असरफी लोगों ने उसे रोक लिया। मजदूरी की मांग करते हुए इन मजदूरों ने मोटरसाइकिल छीन ली। मृतक ने जब रामचंद्र को फोन कराया तो उसने उल्टा मजदूरों से कहा कि “तुम्हारा पैसा जय गोविंद देगा, नहीं देगा तो उसकी मोटरसाइकिल रख लो।” इससे मृतक और भी परेशान हो गया।
स्थिति और बिगड़ गई जब रामचंद्र के पिता रामशरण मानिकपुरी ने 31 जुलाई की सुबह मृतक के घर पहुंचकर उसे खुलेआम धमकी दी—“आज जितना सेवा करना है कर लो, अब तुम्हें मरवा दूंगा।” इस धमकी से डरा-सहमा मृतक उसी रात घर के भीतर प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मृत्यु की पुष्टि हुई। गवाहों और परिजनों के बयान में यह साफ हो गया कि मृतक को ठेकेदार और उसके पिता द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसकी वजह से उसने आत्महत्या का कदम उठाया।
पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए रामचंद्र मानिकपुरी (32) और रामशरण मानिकपुरी (65) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं। फिलहाल उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गजपति मर्रे, एएसआई गोटिया राम मरावी और अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।










