Meghalaya Politics: मेघालय की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। राज्य की बीजेपी समर्थित एनपीपी सरकार में उस समय बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला जब 12 में से 8 मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वाले मंत्री विभिन्न दलों से हैं, जिनमें नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP), हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (HSPDP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शामिल हैं।

कौन-कौन मंत्री दे चुके हैं इस्तीफा?
इस्तीफा देने वालों में NPP के

अम्पारीन लिंगदोह
कॉमिंगोन यम्बोन
रक्कम ए. संगमा
अबू ताहिर मंडल
UDP के
पॉल लिंगदोह
किरमेन शायला
HSPDP के
शकलियार वारजरी
BJP के ए.एल. हेक शामिल हैं। यानी कुल 66% कैबिनेट ने एक साथ अपना पद छोड़ दिया है।
क्यों हुआ इस्तीफा?
सूत्रों के अनुसार, यह सामूहिक इस्तीफा कैबिनेट विस्तार के तहत योजना के अनुसार हुआ है, ताकि मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सके। इससे स्पष्ट है कि यह कोई सियासी संकट नहीं बल्कि रणनीतिक फेरबदल है। नए मंत्रियों को आज शाम 5 बजे राज्यपाल के समक्ष शपथ दिलाई जाएगी।
किन नए चेहरों की हो सकती है एंट्री?
सूत्रों के मुताबिक, जो नाम सामने आ रहे हैं, वे इस प्रकार हैं:
NPP से: वैलादमिकी शायला, सोस्थनीस सोहतुन, ब्रेनिंग ए. संगमा, टिमोथी डी. शिरा
UDP से: मेतबाह लिंगदोह (UDP प्रमुख)
लखमेन रिम्बुई (पूर्व मंत्री)
HSPDP से:मेथोडियस दखार – शकलियार वारजरी की जगह
BJP से:सनबोर शुल्लई – ए.एल. हेक की जगह
वर्तमान राजनीतिक स्थिति
मेघालय में एनपीपी के नेतृत्व में गठित मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस (MDA) की सरकार है, जिसकी कमान मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के हाथों में है। यह गठबंधन 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद बना था। 60 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 12 मंत्रियों की अनुमति है और अब कैबिनेट विस्तार के तहत नए नेताओं को शामिल करने की कवायद चल रही है।
मेघालय में एक ओर जहां विपक्षी दल इन इस्तीफों को सियासी संकट बताने की कोशिश कर सकते हैं, वहीं सरकार की ओर से यह एक पूर्व नियोजित और रणनीतिक कदम माना जा रहा है, ताकि ज्यादा दलों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिल सके और सरकार की स्थिरता बनी रहे।
Read More : Team India’s Jersey Sponsor: अपोलो टायर ने ड्रीम11 को दी टक्कर, 1 मैच के लिए देगी 4.5 करोड़ रुपये










