Vice President Oath: देश के 15वें उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज आधिकारिक तौर पर अपने नए पद की शपथ ग्रहण करेंगे। वे महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रह चुके हैं और विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को भारी मतों के अंतर से हराकर उपराष्ट्रपति पद पर विजयी हुए हैं। शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में सुबह 10 बजे शुरू होगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें शपथ दिलाएंगी।

सीपी राधाकृष्णन की जीत और चुनावी आंकड़े
सीपी राधाकृष्णन ने 452 मत प्राप्त कर विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों से मात दी। बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले थे। उनका यह चुनाव राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ओर से लड़ा गया था, जबकि विपक्ष ने INDIA ब्लॉक के पूर्व चीफ जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा था।

शपथ ग्रहण समारोह: कब और कहां?
12 सितंबर, सुबह 10 बजे, राष्ट्रपति भवन में इस समारोह का आयोजन किया गया है। इस भव्य अवसर पर देश के कई शीर्ष राजनेता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।
ओडिशा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री
पंजाब के राज्यपाल
चंडीगढ़ के प्रशासक
झारखंड के राज्यपाल
इनके अलावा केंद्र सरकार के कई मंत्रियों के आने की भी संभावना है।
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दी बधाई
21 जुलाई को जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद नए उपराष्ट्रपति के चयन की प्रक्रिया तेज हुई। उन्होंने सीपी राधाकृष्णन को जीत पर बधाई दी, जो राजनीतिक शिष्टाचार की मिसाल कही जा रही है। इसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि जगदीप धनखड़ भी शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा ले सकते हैं।
बधाइयों का सिलसिला जारी
सीपी राधाकृष्णन की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी। राजनीतिक दलों के कई नेता भी इस सफलता पर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे इस समारोह में शामिल नहीं होंगे क्योंकि वे गुजरात के दौरे पर हैं।
उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन की जिम्मेदारी
67 वर्षीय सीपी राधाकृष्णन अब भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में पद संभालेंगे। उपराष्ट्रपति का मुख्य कार्य राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य करना है। उनके नेतृत्व में राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित होगी। महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में उनके अनुभव से उन्हें यह जिम्मेदारी निभाने में मदद मिलेगी।
सीपी राधाकृष्णन का उपराष्ट्रपति पद पर चुना जाना देश की राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती को दर्शाता है। आज का शपथ ग्रहण समारोह न केवल उनके लिए, बल्कि देश के लोकतंत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण होगा।










