Gen-Z Debate: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत हाल ही में इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने युवाओं से संवाद किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने Gen Z और Gen Alpha के करीब 2,000 सदस्यों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत ने युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर विचार साझा किए और नई पीढ़ी की सोच, जिम्मेदारियों और समाज में उनकी भूमिका पर चर्चा की।

प्रियंका गांधी ने मोहन भागवत के बयान पर किया पलटवार
मोहन भागवत के Gen Z से संवाद के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने उन पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें RSS प्रमुख मोहन भागवत से किसी भी तरह के प्रमाण पत्र या मान्यता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने भागवत के युवाओं से जुड़ने के प्रयासों पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के मुद्दों पर वास्तविक चिंता दिखाने की जरूरत है।कांग्रेस सांसद के अलावा पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी मोहन भागवत के बयान और कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं के सामने मौजूद वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत है, न कि केवल संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की।

केसी वेणुगोपाल ने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई
कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने भी मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें वास्तव में Gen Z की चिंता है, तो उन्हें देश के गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इस्तीफा नहीं मांगा जा सकता तो कम से कम संसद में आकर छात्रों से माफी मांगने की मांग करनी चाहिए।वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि RSS सरकार के कामकाज को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीरता है तो छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई की निंदा करनी चाहिए और उनकी मांगों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया गया और पेलेट गन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्र इस पूरे मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर RSS और सरकार की ओर से चुप्पी बनी हुई है।उन्होंने मोहन भागवत के Gen Z से संवाद को लेकर भी सवाल उठाते हुए इसे केवल दिखावा बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि युवाओं के वास्तविक मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाने की जरूरत है।
भागवत बोले- Gen Z पर करता हूं भरोसा, लेकिन तथ्य जरूरी
वहीं, मोहन भागवत ने छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प को लेकर कहा कि उनके पास इस घटना से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना सभी तथ्यों को जाने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।भागवत ने कहा कि वह Gen Z पर भरोसा करते हैं और युवाओं की सोच को सकारात्मक नजरिए से देखते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी घटना को समझने के लिए पूरी सच्चाई और प्रमाणित जानकारी जरूरी होती है।

आंदोलन में असामाजिक तत्वों की भूमिका पर भी चर्चा
RSS प्रमुख ने कहा कि कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि आंदोलन के दौरान कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना प्रमाणित जानकारी के किसी व्यक्ति या समूह पर आरोप लगाना सही नहीं है।उन्होंने कहा कि किसी भी विवादित स्थिति में सभी पक्षों की बात और उपलब्ध तथ्यों को ध्यान में रखकर ही कोई राय बनाई जानी चाहिए।
Gen Z संवाद पर राजनीतिक बहस तेज
मोहन भागवत के युवाओं के साथ संवाद के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इसे लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भागवत ने युवाओं पर भरोसा जताते हुए तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की बात कही है। अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है, जिसमें युवा मुद्दे, जवाबदेही और सरकार की भूमिका को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Read More : Jharkhand Protest : झारखंड छात्र आंदोलन में देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, बोले जान को खतरा











