D Raja RSS Remark: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शताब्दी वर्षगांठ पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने कभी देश की आज़ादी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी और आज इसकी भूमिका पर सवाल उठाना ज़रूरी है।

डी. राजा ने कहा, “हमारी पार्टी का गठन भी 1925 में ही हुआ था, उसी साल जब RSS की स्थापना हुई थी। लेकिन फर्क यह है कि सीपीआई स्वतंत्रता आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में रही और उसने सर्वोच्च बलिदान दिए। वास्तव में, हमारी पार्टी ने सबसे पहले पूर्ण स्वतंत्रता और औपनिवेशिक शासन को समाप्त करने का आह्वान किया था।”

“RSS कहां था?”
CPI महासचिव ने सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि जब आज़ादी का संघर्ष चल रहा था, तब RSS का कोई ऐतिहासिक योगदान दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा, “RSS ने सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में भी कोई सार्थक भूमिका नहीं निभाई। यह संगठन प्रतिक्रियावादी, विभाजनकारी और सांप्रदायिक ताकतों का प्रतिनिधित्व करता है। आज जो यह कर रहा है, वह देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा है।”
प्रधानमंत्री को खुली चुनौती
डी. राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधी चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान RSS की भूमिका जनता को स्पष्ट करके बतानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह बताना जरूरी है कि आज़ादी की लड़ाई के निर्णायक क्षणों में RSS क्या कर रहा था और उसका वास्तविक योगदान कहां था।
CPI की भूमिका पर जोर
डी. राजा ने अपनी पार्टी की भूमिका को याद करते हुए कहा कि CPI ने न सिर्फ स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया बल्कि किसान आंदोलनों, मजदूर संघर्षों और सामाजिक न्याय के आंदोलनों को भी गति दी। उन्होंने दावा किया कि CPI के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता संग्राम में योगदान दिया।

आरएसएस की 100वीं वर्षगांठ पर CPI महासचिव डी. राजा का यह बयान सियासत को नया मोड़ दे सकता है। जहां सत्ताधारी दल और उसके समर्थक संगठन की शताब्दी यात्रा को “सेवा, संस्कार और समर्पण” की यात्रा बता रहे हैं, वहीं वाम दलों ने इसके इतिहास पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। डी. राजा के इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में विचारधारात्मक और राजनीतिक संघर्ष और अधिक तेज हो सकता है।
Read More : Naxal Attack in Sukma: बेटे के सामने पिता की निर्मम हत्या, गांव में दहशत का माहौल











