Naxal Attack in Sukma: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कायराना हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सुकमा जिले के कोंटा ब्लॉक के सलातोंग गांव में नक्सलियों ने बुधवार देर रात एक ग्रामीण की बेटे के सामने बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

बेटे के सामने निर्मम हत्या
मृतक की पहचान रव्वा सोना (50) पिता देवा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात रव्वा सोना घर पर खाना खा रहे थे, तभी कुछ नक्सली उनके घर पहुंचे और किसी काम के बहाने उन्हें बाहर बुलाकर ले गए। रव्वा का बेटा भी नक्सलियों के पीछे-पीछे चल पड़ा। गांव से थोड़ी दूरी पर पहुंचते ही नक्सलियों ने रव्वा सोना को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया और बाद में उनकी निर्मम हत्या कर दी। यह सब उनके बेटे की आंखों के सामने हुआ, जो डर के मारे छिपा रहा और फिर किसी तरह गांव भागकर ग्रामीणों को सूचना दी।

मुखबिरी के शक में हत्या
घटना के बाद नक्सलियों ने शव के पास पर्चा फेंकते हुए आरोप लगाया कि रव्वा सोना पुलिस को मुखबिरी करता था। इसी शक के आधार पर उसकी हत्या की गई है। ग्रामीणों ने शव को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया और केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
गृहमंत्री की मौजूदगी के दौरान वारदात
यह वारदात उस समय हुई जब पड़ोसी गांव किस्टाराम में प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा पहुंचे हुए थे। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं, जिसमें कई बड़े नक्सली सरगना ढेर हो चुके हैं। बावजूद इसके नक्सली अब ग्रामीणों को निशाना बनाकर डर फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
गांव में दहशत, सुरक्षा बल सतर्क
इस घटना के बाद सलातोंग और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने इलाके में गश्त तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नक्सली गांव-गांव में दहशत फैलाकर आम लोगों को डराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और इस तरह की घटनाओं पर कड़ा प्रहार करेंगे।
नक्सली हिंसा की यह ताजा घटना बताती है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद भले ही कमजोर हुआ है, लेकिन उसकी जड़ें पूरी तरह खत्म नहीं हुईं। ग्रामीणों के बीच भय फैलाकर नक्सली अभी भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं।











