Rahul Gandhi CRPF: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। CRPF ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है कि राहुल गांधी बिना सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दिए 9 महीनों में 6 बार विदेश यात्रा कर चुके हैं। यह यात्राएं इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया की रही हैं।

CRPF ने राहुल गांधी को भी लिखा पत्र
CRPF ने सीधे राहुल गांधी को भी एक पत्र भेजा है, जिसमें बताया गया है कि इस तरह की चूक VVIP सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर कर सकती है और इसके चलते उनकी जान को खतरा भी हो सकता है। सुरक्षा नियमों के मुताबिक, राहुल गांधी को अपनी हर गतिविधि और यात्रा की पूर्व सूचना सुरक्षा विभाग को देनी होती है ताकि उचित सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें।

सुरक्षा प्रोटोकॉल और Z+ सुरक्षा कवर
राहुल गांधी को देश के सबसे उच्च श्रेणी के सुरक्षा कवर ‘Z+’ की सुरक्षा मिली हुई है। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत, सुरक्षा एजेंसियों को उनकी विदेश यात्राओं समेत सभी यात्रा और कार्यक्रमों के बारे में पहले से सूचित करना अनिवार्य होता है। इसे ‘येलो बुक प्रोटोकॉल’ कहा जाता है, जो देश के वीवीआईपी के लिए सुरक्षा की मजबूत गारंटी है।
राहुल गांधी की विदेश यात्राएं
CRPF ने पत्र में राहुल गांधी की दिसंबर 2022 से सितंबर 2023 तक की विदेशी यात्राओं का हवाला दिया है:
30 दिसंबर 2022 से 9 जनवरी 2023: इटली

12 से 17 मार्च 2023: वियतनाम
17 से 23 अप्रैल 2023: दुबई
11 से 18 जून 2023: कतर
25 जून से 6 जुलाई 2023: लंदन
4 से 8 सितंबर 2023: मलेशिया
सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की लंबी सूची
यह पहला मौका नहीं है जब CRPF ने राहुल गांधी के खिलाफ सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज की है। CRPF ने बताया कि 2020 से अब तक राहुल गांधी ने 113 बार सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है, जिसमें कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का दिल्ली चरण भी शामिल है।
SPG सुरक्षा वापस लेने के बाद CRPF का सुरक्षा प्रबंध
2019 में केंद्र सरकार ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दी गई विशेष सुरक्षा समूह (SPG) की सुरक्षा वापस ले ली थी। तब से कांग्रेस परिवार की सुरक्षा CRPF संभाल रही है। SPG सुरक्षा करीब तीन दशकों तक गांधी परिवार को प्राप्त थी और इसे लेकर हमेशा राजनीतिक चर्चा भी होती रही है।
CRPF की तरफ से राहुल गांधी पर उठाए गए ये आरोप सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं। वीवीआईपी सुरक्षा के लिहाज से ये मामला संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि किसी भी सुरक्षा चूक से किसी भी नेता की जान को खतरा हो सकता है। इसके साथ ही, कांग्रेस नेतृत्व के लिए भी यह चुनौती बनी हुई है कि वे सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करें और किसी प्रकार की लापरवाही न हो।











