CWC Meeting: कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की मंगलवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। कांग्रेस ने बैठक के बाद तीन प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनने की बात कही। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग, SIR प्रक्रिया को समाप्त करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जिम्मेदारी तय करने की मांग शामिल है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज
कांग्रेस लंबे समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इसी क्रम में कांग्रेस ने CEC के इस्तीफे की मांग को अपनी राजनीतिक मुहिम का प्रमुख हिस्सा बना दिया है। पार्टी की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इन्हें जारी रखने की बात कही गई है।
SIR खत्म करने पर कांग्रेस का जोर
CWC की बैठक में SIR को लेकर भी कांग्रेस ने अपना रुख स्पष्ट किया। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर देशभर में सवाल उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चुनावी व्यवस्था में मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से संबोधित किया जाना चाहिए।
वेणुगोपाल ने शांतिपूर्ण आंदोलन की बात कही
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव संगठन के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि CWC की बैठक करीब ढाई घंटे चली। उन्होंने बताया कि इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावी व्यवस्था से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। वेणुगोपाल के अनुसार, पूरी कार्य समिति ने राहुल गांधी को ‘वोट चोरी’ अभियान के जरिए लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन विषयों को देश के सामने लगातार रख रही है।
EVM और मतदाता सूची पर उठाए सवाल
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस की ओर से EVM और मतदाता सूचियों, दोनों से संबंधित सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले करीब 18-19 महीनों से पार्टी इन मुद्दों से जुड़े साक्ष्य सार्वजनिक रूप से रख रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस का मानना है कि चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों का समाधान जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए अपना विरोध दर्ज कराएगी।
संसद से सड़क तक आंदोलन की तैयारी
CWC बैठक में शामिल कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने भी पार्टी की आगे की रणनीति पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और देश के लोगों को साथ खड़ा होना होगा। शैलजा ने राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगी। उन्होंने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर भी अपनी पार्टी के रुख को दोहराया।
खरगे ने प्रधानमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
CWC बैठक से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर तीखे राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नोटबंदी के जरिए अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और इसके साथ ‘वोटबंदी’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। खरगे ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी की।
सोनिया और राहुल गांधी की मौजूदगी
CWC की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ CPP अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने SIR, चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर वह अपना अभियान आगे भी जारी रखेगी।
कांग्रेस देशव्यापी अभियान को देगी विस्तार
CWC बैठक में बनी सहमतियों को लेकर कांग्रेस की ओर से संवाददाता सम्मेलन आयोजित किए जाने की बात कही गई है। पार्टी पहले से ही CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रही है। अब CWC के फैसलों के बाद इस अभियान को संगठनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि SIR और चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवाल आने वाले दिनों में उसके राजनीतिक अभियान के प्रमुख मुद्दे बने रहेंगे।
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