CWG 2026 : खेल मंत्रालय ने 23 जुलाई से ग्लास्गो में आयोजित होने वाले आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए 191 सदस्यीय भारतीय दल को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इस दल में कुल 126 एथलीट और 51 टीम अधिकारी शामिल हैं। मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, दल के वापस लौटने के 30 दिनों के भीतर खेल मंत्रालय को खिलाड़ियों के प्रदर्शन की विस्तृत रिपोर्ट और प्रतियोगिताओं की तस्वीरें सौंपना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने इस बार व्यय को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की कार्यकारी समिति के निर्वाचित सदस्यों की यात्रा और अन्य खर्चों का बोझ सरकार नहीं उठाएगी।

खिलाड़ियों का जेंडर अनुपात और सरकारी दिशानिर्देश
भारतीय दल में शामिल 126 खिलाड़ियों में 78 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति IOA, राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF) या किसी अन्य खेल निकाय में निर्वाचित पद पर है और उसका नाम टीम अधिकारियों की सूची में है, तो सरकारी खजाने से उसका खर्च वहन नहीं किया जाएगा। ‘टीम अधिकारी’ की श्रेणी में केवल कोच, सपोर्ट स्टाफ, चिकित्सा दल और अन्य आवश्यक अधिकारियों को ही रखा गया है। दल प्रमुख रोहित राजपाल, जो IOA के कार्यकारी सदस्य भी हैं, के प्रवास का खर्च भी सरकारी नियमों के तहत आने की संभावना है।

सुरक्षा और बैकग्राउंड सत्यापन पर विशेष जोर
अतीत में हुई कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं, जिनमें विदेशी धरती पर खिलाड़ियों और अधिकारियों के लापता होने की खबरें सामने आई थीं, को देखते हुए मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों को कड़ा निर्देश दिया है। अब सभी सदस्य देशों के लिए अपने दल के खिलाड़ियों और अधिकारियों का अनिवार्य ‘बैकग्राउंड सत्यापन’ (पृष्ठभूमि जांच) कराना आवश्यक कर दिया गया है। यह कदम खेल दल की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एथलेटिक्स और मुक्केबाजी दल की विस्तृत संरचना
स्वीकृत सूची के अनुसार, नीरज चोपड़ा के नेतृत्व वाली 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में 10 महिला एथलीट शामिल हैं, जिसके साथ सबसे बड़ा सहयोगी दल भेजा जा रहा है। इस सहयोगी स्टाफ का नेतृत्व मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर करेंगे। वहीं, मुक्केबाजी दल में 14 मुक्केबाज शामिल हैं, जिनमें 7 महिला खिलाड़ी भी हैं। मुक्केबाजी के सपोर्ट स्टाफ में इस बार खेल मनोवैज्ञानिक मैथिली भूपतानी को भी जोड़ा गया है। मीराबाई चानू के नेतृत्व में 12 सदस्यीय भारोत्तोलन टीम के साथ चार कोच और फिजियोथेरेपिस्ट समेत दो अधिकारी जाएंगे, जबकि तैराकी दल का प्रबंधन निहार अमीन और संदीप सेजवाल संभालेंगे।
सीमित स्पर्धाएं और पदक की चुनौतियां
मंत्रालय ने पैरा-खेलों के लिए 42 सदस्यीय सहयोगी स्टाफ को मंजूरी दी है, जिसमें एथलेटिक्स को सर्वाधिक प्रतिनिधित्व मिला है। इस बार ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन काफी सीमित स्तर पर हो रहा है, जिससे भारत के लिए पदक तालिका में स्थान बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। निशानेबाजी, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और क्रिकेट जैसे खेलों को शामिल न किए जाने से भारत के लिए स्थिति कठिन है, क्योंकि ये स्पर्धाएं आमतौर पर भारत के लिए पदक की बड़ी दावेदार रही हैं। भारत इस बार कुल 10 में से 9 सामान्य स्पर्धाओं और 6 में से 5 पैरा स्पर्धाओं में ही चुनौती पेश करेगा।












