Dal Price Hike: चना-मूंग से तुवर, उड़द और मसूर तक महंगी हुईं दालें, जानें कीमतों पर असर

रसोई के बजट पर महंगाई का असर एक बार फिर दिखाई देने लगा है। चना, मूंग, तुवर, उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दालों की कीमतों में तेजी ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। दालों के दाम बढ़ने के पीछे बाजार की कौन-सी वजहें हैं और इसका असर कितना पड़ेगा?

Dal Price Hike : आम लोगों की रसोई पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। चीनी, खाद्य तेल, चावल, हरी सब्जियों और प्याज के बाद अब दालों की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। भोपाल के थोक किराना बाजार में पिछले कुछ दिनों के दौरान लगभग सभी प्रमुख दालों के भाव बढ़े हैं। सबसे ज्यादा तेजी तुवर दाल में देखने को मिली है, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

ads

तुवर दाल में एक सप्ताह में 10 रुपये की तेजी

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू के मुताबिक, अच्छी गुणवत्ता वाली तुवर दाल की कीमत करीब एक सप्ताह पहले 119 रुपये प्रति किलो थी। अब इसका भाव बढ़कर लगभग 130 रुपये प्रति किलो हो गया है। यानी महज सात दिनों में तुवर दाल करीब 10 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है। सितंबर की शुरुआत में यही दाल लगभग 111 रुपये प्रति किलो बिक रही थी।

Adst

सितंबर से अब तक 19 रुपये बढ़ा भाव

अगर सितंबर की शुरुआत से तुलना करें तो तुवर दाल के दाम में करीब 19 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है। एक महीने की शुरुआत में जहां उपभोक्ताओं को यह दाल लगभग 111 रुपये किलो में मिल रही थी, वहीं अब इसके लिए करीब 130 रुपये प्रति किलो खर्च करना पड़ रहा है। तुवर की इस तेजी ने बाजार में दालों की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

चना और मूंग दाल भी हुई महंगी

दालों में तेजी केवल तुवर तक सीमित नहीं है। चना दाल के भाव में करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 1 सितंबर को चना दाल लगभग 76 रुपये किलो थी, जो अब बढ़कर 80 रुपये किलो हो गई है। इसी तरह हरी मूंग 85 से बढ़कर 89 रुपये, मूंग मोगर 91 से 93 रुपये, उड़द मोगर 102 से 105 रुपये और मसूर दाल 73 से बढ़कर 76 रुपये किलो हो गई है।

त्योहारों से पहले मांग बढ़ने का असर

व्यापारियों के अनुसार, दालों की कीमतों में तेजी का प्रमुख कारण मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन है। गणेश उत्सव के बाद नवरात्रि और दीपावली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। इसके साथ ही शादी-विवाह का सीजन भी शुरू होने वाला है। ऐसे में दालों की खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए बाजार में पहले से मांग बन रही है और व्यापारी तथा मिलर्स स्टॉक तैयार कर रहे हैं।

Adst

सीमित आवक से आपूर्ति पर दबाव

दूसरी ओर, उत्पादक राज्यों की मंडियों में दालों की आवक सामान्य से कम बताई जा रही है। पुराने स्टॉक में भी कमी आने के कारण बाजार में उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। नई फसल की पर्याप्त आवक शुरू होने में अभी कुछ समय बाकी है। ऐसे में मांग बढ़ने और आपूर्ति सीमित रहने से दालों की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है।

मौसम और उत्पादन भी अहम कारक

दालों के बढ़ते भाव के पीछे सिर्फ स्थानीय बाजार की परिस्थितियां जिम्मेदार नहीं हैं। दलहन उत्पादक क्षेत्रों में बारिश और मौसम की स्थिति, बुवाई का रकबा, संभावित उत्पादन और नई फसल की आवक जैसे कारक भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा भारत की आयात जरूरतों के कारण म्यांमार और कनाडा जैसे देशों से आने वाली दालों की कीमत तथा आपूर्ति का असर भी घरेलू बाजार पर पड़ता है।

आयात लागत का भी पड़ता है असर

विदेशों से दालों की आपूर्ति में परिवहन और लॉजिस्टिक्स खर्च भी जुड़ता है। आयातित माल की लागत बढ़ने पर इसका असर थोक बाजार तक पहुंचता है और फिर खुदरा कीमतों में भी दिखाई देता है। अंततः इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है और रोजमर्रा के भोजन का खर्च बढ़ जाता है।

सरकारी हस्तक्षेप से मिल सकती है राहत

विवेक साहू ने दालों की मौजूदा स्थिति के बीच शक्कर के बाजार का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, शक्कर की कीमत एक समय करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच गई थी। इसके बाद सरकारी हस्तक्षेप और बाजार में उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों से कुछ दिनों में इसका भाव लगभग 52 रुपये किलो तक आ गया। व्यापारियों का मानना है कि आवश्यक वस्तुओं में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराने से कीमतों का दबाव कम किया जा सकता है।

बफर स्टॉक बाजार में उतारने की मांग

व्यापारियों के मुताबिक, दालों की कीमतों में तेजी रोकने के लिए सरकार पर्याप्त बफर स्टॉक खुले बाजार में उपलब्ध करा सकती है। इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और मांग-आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल तुवर समेत कई दालों के बढ़ते दाम ने त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में नई फसल की आवक, उपलब्ध स्टॉक और सरकारी कदम कीमतों की दिशा तय करेंगे।

Read More  :  Gwalior News: कोचिंग से लौट रही छात्राओं से छेड़छाड़, बाइक सवारों की मारपीट CCTV में कैद

Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst