Japanese Encephalitis : सरगुजा जिले में स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग के दौरान जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) बीमारी के मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। विकासखंड उदयपुर, लुंड्रा-बतौली में विभाग को अलर्ट रहने हिदायत दी गई है। इस खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सरगुजा में अलर्ट जारी कर दिया है और संबंधित इलाकों में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।

जापानी इंसेफेलाइटिस एक गंभीर बीमारी है जो मच्छरों (Culex प्रजाति) के काटने से फैलती है। यह बीमारी विशेष रूप से दिमाग को प्रभावित करती है और ग्रामीण, खेतिहर तथा धान की खेती वाले क्षेत्रों में ज्यादा पाई जाती है। सुअर पालने वाले इलाकों में इसके फैलने की आशंका और बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी साधारण वायरल बुखार से अलग होती है और इसकी पहचान व इलाज में देर होना खतरनाक साबित हो सकता है।

लक्षण
जापानी इंसेफेलाइटिस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, लगातार उल्टियाँ, कमजोरी और थकान शामिल हैं।
गंभीर स्थिति में रोगी को
गर्दन अकड़ना, दौरे पड़ना, होश में कमी, मानसिक भ्रम की स्थिति तथा कोमा जैसी अवस्था का सामना करना पड़ सकता है। कई बार यह बीमारी स्थायी दिमागी नुकसान या मृत्यु का कारण भी बन सकती है।
बचाव और जागरूकता
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मच्छरों से बचाव के उपाय अनिवार्य रूप से अपनाएँ। इसमें मच्छरदानी का प्रयोग, आसपास पानी जमा न होने देना, घरों और आँगनों को साफ रखना प्रमुख है। इसके अलावा जापानी इंसेफेलाइटिस का टीका (JE Vaccine) इस बीमारी से बचाव का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
स्थानीय स्वास्थ्य टीमों को गांव-गांव भेजा जा रहा है, जहाँ लोगों को बीमारी के लक्षणों, समय पर इलाज की आवश्यकता और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तेज बुखार या दौरे जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
बतौली के बीएमओ डॉ. बेक ने इसकी पुष्टि की है उन्होंने बताया कि सीएमएचओ द्वारा जापानी इंसेफेलाइटिस को लेकर अर्लट जारी किया गया है। जांच में कितने मरीज पाए गए हैं इसकी संख्या अभी नहीं आ सकी है।
सरगुजा में मरीजों की पुष्टि के बाद अब प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पूरी तरह सतर्क है ताकि बीमारी के फैलाव को समय रहते रोका जा सके।










