Bhivani Court Firing: हरियाणा के भिवानी कोर्ट परिसर में गुरुवार दोपहर हुई फायरिंग ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब तीन दोस्त कोर्ट परिसर में चाय की दुकान पर बैठे बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान आए दो अज्ञात युवकों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे रोहतक निवासी लवजीत गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके दो अन्य साथी किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे।

फायरिंग के दौरान मची अफरातफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने 4 राउंड फायरिंग की और इसके बाद मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनते ही कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी इधर-उधर हो गए, जबकि आम लोगों ने घायल युवक को ऑटो में अस्पताल पहुंचाया।

घायल युवक की पहचान और हालत
घायल युवक की पहचान गांव मोखरा (रोहतक) निवासी लवजीत के रूप में हुई है। उसे दो गोलियां लगी हैं और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक इलाज के बाद लवजीत को PGI रेफर कर दिया गया है। वहीं, उसके दो दोस्त नरेंद्र (गांव दिनोद) और बिजेंद्र किसी तरह जान बचाकर मौके से हट गए।
कोर्ट में पेशी के लिए आया था युवक
सूत्रों के अनुसार, लवजीत अपने दोस्तों नरेंद्र और बिजेंद्र के साथ कोर्ट में पेशी के लिए आया था। तीनों कोर्ट परिसर में स्थित चाय के खोखे पर बैठे थे, तभी दो से तीन अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे और उन्हें कुछ देर तक निहारते रहे। इसके बाद अचानक उन्होंने तमंचा निकाल कर फायरिंग शुरू कर दी।
एसपी सुमित कुमार मौके पर पहुंचे, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही भिवानी के एसपी सुमित कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और हमलावरों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
अपराधियों के हौसले बुलंद, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कोर्ट परिसर जैसे सुरक्षित स्थान पर हुई फायरिंग ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर आम जनता न्याय के लिए कोर्ट आती है, वहीं ऐसे हमले आम नागरिकों के मन में भय का माहौल पैदा कर रहे हैं।
भिवानी कोर्ट फायरिंग की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं। अब देखना यह है कि पुलिस जल्द से जल्द हमलावरों की गिरफ्तारी कर पीड़ित को न्याय दिला पाती है या नहीं।










