Deepinder Goyal Temple: Zomato के फाउंडर दीपेंदर गोयल ने अपनी नई Temple डिवाइस को लेकर बड़ा अपडेट साझा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि इस डिवाइस का शुरुआती परीक्षण 23 लोगों पर किया गया है। खास बात यह है कि Temple के ब्रेन फ्लो इंडेक्स की तुलना अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली ट्रांसक्रेनियल डॉपलर (TCD) मशीन से की गई। इस अध्ययन के नतीजों को विशेषज्ञों की समीक्षा के लिए भेजा गया है।
Apple Watch और Fitbit से कैसे अलग है Temple
गोयल के मुताबिक, सामान्य प्रीमियम फिटनेस डिवाइस जैसे Apple Watch और Fitbit मुख्य रूप से हृदय गति समेत शरीर के कुछ सामान्य संकेतकों को ट्रैक करते हैं। वहीं Temple का फोकस दिमाग में होने वाले रक्त प्रवाह को मॉनिटर करने पर है। यही वजह है कि इसे सामान्य स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से अलग तकनीक के तौर पर देखा जा रहा है।
साइकिलिंग और लेटने के दौरान किया गया परीक्षण
रिसर्च के दौरान 23 प्रतिभागियों पर अलग-अलग परिस्थितियों में Temple डिवाइस की जांच की गई। शोधकर्ताओं ने Temple के जरिए मिले ब्रेन फ्लो इंडेक्स की तुलना TCD डॉपलर मशीन से की। यह परीक्षण साइकिल चलाने के दौरान और खड़े होने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेटने की स्थिति में किया गया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अलग-अलग शारीरिक परिस्थितियों में मस्तिष्क के रक्त प्रवाह में होने वाले बदलावों को समझना था।
लेटने पर दिमाग में बढ़ा ब्लड फ्लो
अध्ययन में सामने आया कि जब कोई व्यक्ति खड़े रहने के बाद लेटता है, तो उसकी हृदय गति कम हो सकती है, लेकिन उसी समय मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। Temple डिवाइस ने इस बदलाव को रिकॉर्ड किया। गोयल के अनुसार, डिवाइस के परिणाम अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली डॉपलर तकनीक से तुलना करने पर काफी उत्साहजनक रहे हैं।
कनपटी पर पहनी जाएगी Temple डिवाइस
Temple को सामान्य स्मार्टवॉच की तरह कलाई पर नहीं पहना जाएगा। इसे माथे और कान के बीच मौजूद कनपटी के आसपास लगाया जाएगा। डिवाइस का डिजाइन इसी स्थान से दिमाग से संबंधित संकेतों को मॉनिटर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि इससे भविष्य में ब्रेन फ्लो जैसे संकेतकों की लगातार निगरानी की संभावनाएं खुल सकती हैं।
डॉपलर मशीन के परिणामों से हुई तुलना
इस शुरुआती अध्ययन की सबसे महत्वपूर्ण बात Temple और TCD डॉपलर मशीन के बीच की गई तुलना रही। परीक्षण में Temple ने लेटने के बाद मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बढ़ने के संकेतों को डॉपलर के अनुरूप दर्ज किया। हालांकि यह अभी शुरुआती रिसर्च है और इसके परिणामों को बड़े स्तर पर स्वतंत्र परीक्षणों के जरिए सत्यापित किया जाना बाकी है।
रियल टाइम ब्रेन मॉनिटरिंग की उम्मीद
अगर आगे होने वाले परीक्षणों में Temple की तकनीक प्रभावी और सटीक साबित होती है, तो भविष्य में लोग अपने मस्तिष्क से जुड़े कुछ संकेतकों की रियल टाइम निगरानी कर सकते हैं। फिलहाल अस्पतालों में ब्रेन ब्लड फ्लो की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली तकनीक अपेक्षाकृत बड़ी और विशेषज्ञ-निर्भर होती है। Temple जैसी पोर्टेबल डिवाइस इस प्रक्रिया को अलग दिशा दे सकती है।
अभी शुरुआती चरण में है रिसर्च
दीपेंदर गोयल ने स्पष्ट किया है कि Temple को लेकर हुई रिसर्च अभी शुरुआती स्तर पर है। इसलिए इसके मौजूदा परिणामों को अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। कंपनी दुनियाभर के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों को डिवाइस उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है, ताकि स्वतंत्र विशेषज्ञ इसकी तकनीक और परिणामों का परीक्षण कर सकें।
इसी साल बाजार में आने की तैयारी
दीपेंदर गोयल पहले ही संकेत दे चुके हैं कि Temple डिवाइस को 2026 में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि शुरुआती चरण में इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन होने की संभावना कम बताई गई है। कंपनी फिलहाल तकनीक को बेहतर बनाने और इसके वैज्ञानिक इस्तेमाल से जुड़े परीक्षणों पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
रिसर्चर्स को टेस्टिंग के लिए किया आमंत्रित
गोयल ने अन्य योग्य शोधकर्ताओं को भी Temple की स्वतंत्र जांच के लिए आमंत्रित किया है। उनका कहना है कि यदि कोई एलिजिबल रिसर्चर डिवाइस के किसी तय मानक या क्षमता का परीक्षण करना चाहता है, तो कंपनी उसे Temple उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। साथ ही ब्रेन फ्लो और अलग-अलग तरीकों से ‘एंट्रॉपी’ से जुड़े वैलिडेशन परीक्षण भी जारी हैं। नए परिणाम सामने आने पर कंपनी उन्हें साझा करने की योजना बना रही है।
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