BRICS Summit 2026 : ईरान ने भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का उल्लेख किया है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आने वाले हैं। ईरानी नेतृत्व की इस टिप्पणी को भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने भारत की जमकर तारीफ की
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर सकारात्मक रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं। तेहरान भारत के साथ अपने संबंधों को काफी महत्व देता है और भविष्य में इन रिश्तों को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर ईरान का जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए इस्माइल बाकेई ने कहा कि ईरान भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों का इस्तेमाल आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए करना चाहता है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देश व्यापार, निवेश और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को और विस्तार दे सकते हैं।
SCO और BRICS में दोनों देशों की साझेदारी
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि भारत शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO और BRICS दोनों का सदस्य है। उन्होंने भारत को उन महत्वपूर्ण देशों में शामिल बताया, जिनके साथ ईरान के कई क्षेत्रों में अच्छे संबंध हैं। खास तौर पर व्यापार और आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया गया है।
भारत से रिश्ते पुराने और सभ्यतागत हैं
इस्माइल बाकेई ने भारत और ईरान के संबंधों को केवल मौजूदा कूटनीतिक रिश्तों तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध काफी पुराने, ऐतिहासिक और सभ्यतागत हैं। यही वजह है कि तेहरान भारत के साथ अपने रिश्तों को विशेष महत्व देता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद लगातार जारी है।
बिश्केक में मोदी-पेजेश्कियान की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की हालिया मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान हुई थी। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई थी। इस बैठक के कुछ समय बाद ईरान की ओर से भारत के साथ संबंधों को लेकर दिया गया सकारात्मक बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS सम्मेलन में शामिल होंगे ईरानी राष्ट्रपति
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचेंगे। इस दौरान भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। तेहरान इस मंच का इस्तेमाल भारत के साथ सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए करना चाहता है।
चाबहार पोर्ट पर भी होगी चर्चा
ईरान और भारत के बीच बातचीत में चाबहार पोर्ट का मुद्दा लगातार महत्वपूर्ण रहा है। इस बंदरगाह को दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिए अहम माना जाता है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी संकेत दिया कि भारत के साथ होने वाली बातचीत में चाबहार पोर्ट समेत आपसी हित से जुड़े कई मुद्दे शामिल रहते हैं।
लगातार बेहतर हो रहे भारत-ईरान संबंध
ईरानी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ तेहरान के संबंध लगातार बेहतर हो रहे हैं। व्यापार, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय संपर्क और रणनीतिक हितों के अलावा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंध दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्ष इन संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर सकते हैं।
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