Rahul Gandhi Dehradun : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ आयोजित होने वाला था, लेकिन इस कार्यक्रम से ठीक पहले एक दुखद और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है। राहुल गांधी के संबोधन स्थल, बन्नू स्कूल मैदान में तैयारियों के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। सुरक्षा और मंच की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे एक वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता अमर सिंह मेहता पर अचानक एक भारी लोहे का पिलर (छड़) गिर गया। इस घटना में 65 वर्षीय अमर मेहता गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई।

निरीक्षण के दौरान हुई जानलेवा चूक
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अमर मेहता तंबू के नीचे चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। तभी अस्थायी ढांचे से लोहे की छड़ अचानक उनके सिर पर आ गिरी। चोट इतनी गंभीर थी कि मौके पर ही उनकी हालत नाजुक हो गई। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदय विदारक घटना से स्थानीय कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई है, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह बदल गया है।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल और पुलिस की जांच
इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे के बाद अब आयोजकों और प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। देहरादून पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या मंच और पंडाल बनाने के दौरान सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन किया गया था या नहीं। क्या ढांचे को पूरी मजबूती के साथ खड़ा किया गया था? पुलिस अब आयोजकों से जवाब-तलब कर रही है और घटना के पीछे की लापरवाही के कारणों की तह तक जाने की कोशिश में है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर पड़ा शोक का साया
राहुल गांधी शुक्रवार को देहरादून के बन्नू स्कूल मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ नामक कार्यक्रम के जरिए युवाओं से संवाद करने वाले हैं। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य छात्रों के ज्वलंत मुद्दों, विशेषकर नीट (NEET) पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे विषयों पर चर्चा करना था। एक तरफ राहुल गांधी युवाओं की आवाज उठाने की तैयारी में थे, तो दूसरी तरफ अपने ही पार्टी कार्यकर्ता की मौत ने इस दौरे को एक गमगीन मोड़ दे दिया है। प्रशासन और कांग्रेस संगठन इस घटना के बावजूद राहुल गांधी के कार्यक्रम की सुरक्षा और संचालन को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
छात्रों से संवाद और युवाओं के ज्वलंत मुद्दे
देहरादून के युवा राहुल गांधी के साथ सीधा संवाद करने के लिए उत्साहित थे। परीक्षा में धांधली और भविष्य की अनिश्चितताओं से जूझ रहे छात्र राहुल गांधी के सामने अपने सुझाव और परेशानियां रखने की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, पार्टी कार्यकर्ता की असामयिक मृत्यु ने इस बड़े आयोजन के महत्व के साथ-साथ आयोजकों की जिम्मेदारी को भी बढ़ा दिया है। राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई थी, लेकिन इस घटना ने तैयारियों की खामियों की ओर सबका ध्यान केंद्रित कर दिया है।
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