Delhi Blast
Delhi Blast: नई दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी उमर को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, उमर कश्मीर के कुख्यात आतंकी बुरहान वानी और जाकिर मूसा का उत्तराधिकारी बनना चाहता था। दोनों नाम आतंक की दुनिया में व्यापक प्रभाव रखते हैं और इनकी विचारधारा से कई युवाओं को प्रभावित करने की कोशिशें होती रही हैं।जांच में सामने आया है कि फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के अन्य सदस्य जहां अल-कायदा (AQIS) की विचारधारा से प्रभावित थे, वहीं उमर ISIS और जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा की ओर झुकाव रखता था।
सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के सदस्यों के बीच आपसी मतभेद बढ़ते जा रहे थे। इसी विवाद के चलते उमर, आतंकी अदील की शादी में शामिल नहीं हुआ था।मॉड्यूल के सदस्यों का मानना था कि अदील उनका “अमीर” यानी समूह का प्रमुख है, लेकिन उमर खुद को अधिक प्रभावशाली मानता था, जिससे उनके बीच लगातार तनाव बना रहता था।
जांच एजेंसियों ने पता लगाया है कि उमर का हैंडलर हाशिम था, जबकि मॉड्यूल का एक अन्य सदस्य मुजम्मिल, मंसूर नाम के व्यक्ति के संपर्क में था। दोनों ही एक बड़े आतंक नेटवर्क संचालक इब्राहिम के लिए काम कर रहे थे।यह अलग-अलग चैनलों के जरिए संचालित नेटवर्क उनके बीच मतभेद का एक और कारण माना जा रहा है, क्योंकि समूह के भीतर नेतृत्व और संसाधन नियंत्रण को लेकर खींचतान थी।
शनिवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, मुजम्मिल ने करीब 6.5 लाख रुपये में एक AK-47 खरीदी थी। यह हथियार बाद में अदील के लॉकर से बरामद हुआ, जिससे नेटवर्क की गतिविधियों और उनकी तैयारी का बड़ा खुलासा हुआ।इससे पहले भी जांच में पता चला था कि समूह विभिन्न प्रकार के हथियारों और रसायनों को इकट्ठा कर रहा था, जिसकी योजना बड़े पैमाने पर हमलों को अंजाम देने की थी।
जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि उमर इंटरनेट पर बम बनाने के वीडियो, गाइड और साहित्य पढ़ता था। वह विस्फोटक सामग्री नूंह से खरीदता था, जबकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फरीदाबाद के भागीरथ पैलेस और NIT मार्केट से जुटाता था।टेरर मॉड्यूल के अंदर इस बात को लेकर भी तनाव बढ़ा कि यूनिवर्सिटी परिसर में उमर और मुजम्मिल के बीच पैसे को लेकर जोरदार झगड़ा हुआ था, जिसे कई छात्रों ने देखा था।
झगड़े के बाद उमर ने अपनी लाल इको कार, जिसमें विस्फोटक सामग्री मौजूद थी, मुजम्मिल को सौंप दी।उमर ने विस्फोटक और रसायनों को सुरक्षित रखने के लिए एक डीप फ्रीजर खरीदा था। जांच के अनुसार, वह इस फ्रीजर में रासायनिक बम तैयार कर रहा था। मॉड्यूल की योजना विभिन्न स्थानों पर एक साथ विस्फोट करने की थी, जिससे अधिकाधिक नुकसान पहुँचाया जा सके।
इन खुलासों के बाद जांच एजेंसियां मॉड्यूल के सभी संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़े ये नए तथ्य बताते हैं कि समूह एक बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहा था, जिसे समय रहते उजागर कर लिया गया।
Read More:Delhi Blast Case: दिल्ली ब्लास्ट केस में नया मोड़ i20 कार का इंतजाम करने वाले 4 डॉक्टर गिरफ्तार
West Bengal Election : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और निर्णायक चरण के मतदान…
Shah Rukh Khan : बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान की लोकप्रियता भौगोलिक सीमाओं…
LPG Rules : यदि आपके रसोई घर में भी एलपीजी (LPG) सिलेंडर का उपयोग होता…
Trump Cuba Strike : दुनिया इस समय पहले से ही ईरान और इजरायल के बीच…
Riyan Parag Vaping : आईपीएल 2026 के सीजन में मैदान पर रोमांच तो भरपूर है,…
Bhooth Bangla : बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्म 'भूत बंगला' बॉक्स…
This website uses cookies.