Cockroach Janata Party : दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर जुर्माना लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। याचिका में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए हालिया प्रदर्शनों के कारण आम नागरिकों को कथित तौर पर हुई परेशानी के लिए मुआवजा दिलाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठन पर सामुदायिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को हुई असुविधा की भरपाई हो सके।

विरोध प्रदर्शन के अधिकार के साथ नागरिकों की सुविधाओं पर जोर
याचिका में दलील दी गई थी कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना नागरिकों का अधिकार है। हालांकि, इस अधिकार के इस्तेमाल के दौरान आम लोगों की सुविधाओं और उनके मौलिक अधिकारों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि ऐसे प्रदर्शनों से सार्वजनिक जीवन प्रभावित होने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने के लिए उचित व्यवस्था बनाई जाए। अदालत ने इस मामले में सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट जाने की मिली छूट
दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की स्वतंत्रता दी है। याचिका में केंद्रीय गृह मंत्रालय समेत तीन केंद्रीय मंत्रालयों से ऐसे नियम तैयार करने की मांग की गई थी, जिनके तहत सार्वजनिक असुविधा के लिए जुर्माना लगाने और उसकी वसूली की व्यवस्था हो सके। याचिकाकर्ता चाहता था कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान आम नागरिकों को होने वाली परेशानी के लिए जवाबदेही निर्धारित की जाए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस याचिका पर गुण-दोष के आधार पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया।
CJP के तीन प्रमुख नेता फिलहाल जमानत पर बाहर
इस मामले के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के तीन प्रमुख नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संगठन ने अभी किसी नए आंदोलन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर उसके नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाते रहे हैं। संगठन की ओर से आगे की रणनीति को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में CJP की गतिविधियों और उसके अगले कदम पर नजर बनी हुई है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में आंदोलन का किया गया था ऐलान
CJP ने इससे पहले 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में आंदोलन करने का आह्वान किया था। खबर के मुताबिक, दिल्ली पहुंचने पर संगठन के तीनों प्रमुख नेताओं को विमान से ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इसी दौरान अभिजीत दीपके की दादी का निधन हो गया। इस घटनाक्रम ने संगठन के आंदोलन और उसके नेताओं की कानूनी चुनौतियों को चर्चा में ला दिया।

NEET आंदोलन के बाद ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET आंदोलन के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। संगठन के नेताओं ने इस मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए, जिसके बाद उन्हें कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अब दिल्ली हाईकोर्ट के ताजा रुख के बाद जुर्माने और सार्वजनिक असुविधा से जुड़े इस विवाद में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें रहेंगी। याचिकाकर्ता के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प खुला है, लेकिन आगे क्या कदम उठाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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