Delhi Metro Update : जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने राजधानी के सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वार दोबारा खोल दिए हैं। सुरक्षा कारणों से पहले जिन स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट अस्थायी रूप से बंद की गई थी, वहां अब सामान्य परिचालन बहाल कर दिया गया है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों के एंट्री गेट अब यात्रियों के लिए खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही राजधानी में मेट्रो सेवाएं पहले की तरह सामान्य रूप से संचालित होने लगी हैं।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत कई स्टेशनों पर लगी थी रोक
शनिवार सुबह जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह के मद्देनजर डीएमआरसी ने केंद्रीय दिल्ली के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी थीं। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि स्थिति सामान्य होने तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। प्रदर्शन समाप्त होने और सुरक्षा एजेंसियों से अनुमति मिलने के बाद सभी प्रतिबंध हटा दिए गए और यात्रियों के लिए सुविधाएं फिर से शुरू कर दी गईं।

18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर प्रभावित रही सेवाएं
डीएमआरसी की एडवाइजरी के अनुसार लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट गेट अस्थायी रूप से बंद किए गए थे। हालांकि, ट्रेनों का संचालन अधिकांश रूटों पर जारी रहा। अब सभी स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही सामान्य हो गई है और किसी प्रकार का प्रतिबंध लागू नहीं है।
केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बनी सहमति
इसी बीच जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन भी समाप्त हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद अपना धरना खत्म करने की घोषणा की। नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह तथा सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका मौजूद रहे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनने की जानकारी दी गई।
सरकार ने प्रमुख मांगों पर जताई सहमति
बैठक के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शन के दौरान दर्ज पुलिस मामलों और एफआईआर को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति जताई है। साथ ही, कथित पेपर लीक विवाद से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने का भी निर्णय लिया गया है। सरकार की ओर से इन फैसलों की लिखित पुष्टि देने की बात भी कही गई, जिससे आंदोलनकारी पक्ष ने संतोष व्यक्त किया।
धरना समाप्त करने की अपील, सामान्य हुआ जनजीवन
सीजेपी के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान उठाई गई उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद संगठन ने छात्रों और समर्थकों से शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर अपने-अपने घर लौटने की अपील की। सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास ने कहा कि जब प्रमुख मांगों पर सहमति बन चुकी है तो आंदोलन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। आंदोलन समाप्त होने के साथ ही राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था में भी राहत मिली और दिल्ली मेट्रो सहित अन्य सार्वजनिक सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो गईं। अब प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि राजधानी में कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
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