Rajouri Garden fire : दिल्ली के राजा गार्डन इलाके में सोमवार दोपहर भीषण हादसा हो गया। चार मंजिला इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम महाजन इलेक्ट्रॉनिक्स की दूसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। हादसे में शोरूम के 4 कर्मचारियों की मौत हो गई, जिनमें 3 महिलाएं शामिल हैं। एक अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

कैसे लगी आग?
पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे शोरूम में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर मोती नगर थाना प्रभारी, दमकल विभाग और पुलिस कर्मी तुरंत पहुंचे। दमकल की 5 गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की शुरुआत पहली मंजिल से हुई। शॉर्ट सर्किट की वजह से चिंगारी उठी और देखते ही देखते धुआं पूरी इमारत में फैल गया।

कर्मचारी बोला- घना धुआं था, कुछ दिख नहीं रहा था
शोरूम के कर्मचारी सुमित ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया, “लंच का समय था। हम हंस-बोल रहे थे कि अचानक चटकने की आवाज आई और लाइट चली गई। तभी धुआं कमरे में भरने लगा। आग सबसे पहले पहली मंजिल पर लगी। अफरातफरी मच गई। नीचे वाले कर्मचारी बाहर निकल आए, लेकिन दूसरी और तीसरी मंजिल पर फंसे लोग बच नहीं सके। धुआं इतना घना था कि कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था।”
तीसरी मंजिल पर फंसे 5 कर्मचारी
घटना के समय शोरूम में करीब 30 कर्मचारी और ग्राहक मौजूद थे। पांच कर्मचारी लंच के लिए तीसरी मंजिल पर गए हुए थे। धुआं फैलने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए। जब तक उन्हें मदद मिली, आग पूरे दफ्तर में फैल चुकी थी। दमकल कर्मियों ने मशक्कत के बाद पांचों को बाहर निकाला।
चार की मौत, एक घायल
निकाले गए पांचों कर्मचारियों को तुरंत कैट्स एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने पायल (25), आयुषी (22), अमनदीप कौर (21) और रवि (28) को मृत घोषित कर दिया। चारों की मौत झुलसने और दम घुटने से हुई। एक अन्य कर्मचारी संदीप का इलाज जारी है। पश्चिम जिला डीसीपी विचित्र वीर ने बताया कि शाम 4:10 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग बुझाने के दौरान एक दमकलकर्मी भी घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। हालांकि, सटीक वजह जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक टीम की मदद से जांच की जा रही है।
लापरवाही की जांच शुरू
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इमारत में फायर सेफ्टी उपकरण और इमरजेंसी एग्जिट की स्थिति की भी जांच होगी। अक्सर व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है, जिसकी वजह से हादसे भयावह रूप ले लेते हैं। राजा गार्डन हादसा एक बार फिर इस सवाल को खड़ा करता है कि दिल्ली जैसे महानगरों में सुरक्षा इंतजाम कितने लचर हैं। एक चिंगारी ने 4 जिंदगियां ले लीं और कई परिवारों को मातम में डुबो दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर समय रहते पर्याप्त अग्निशमन उपाय किए गए होते, तो यह हादसा टल सकता था।
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