Balrampur News : बलरामपुर जिला चिकित्सालय में 3 माह की बच्ची की मौत के बाद दो स्टाफ नर्सों को निलंबित किए जाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने निलंबन को गलत व नियमविरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने और संभाग स्तरीय टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि बिना चिकित्सक के लिखित अथवा मौखिक निर्देश के स्टाफ नर्सों को दोषी ठहराया जाना न्यायसंगत नहीं है।

मामला क्या है
09 सितंबर 2025 को बलरामपुर निवासी सनम अगरिया की तीन माह की बच्ची संजना को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक इलाज के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया, लेकिन मिशन अस्पताल पहुँचते ही उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया कि बच्ची को बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के भेजा गया।

प्रकरण की प्रारंभिक जांच में ड्यूटी स्टाफ नर्स सतीश अरकसेल और नीतू केशरी को दोषी मानते हुए दोनों को निलंबित कर दिया गया। हालांकि, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का कहना है कि रेफर पर्ची में चिकित्सक द्वारा कहीं भी ऑक्सीजन सपोर्ट का उल्लेख नहीं किया गया था, न ही मौखिक निर्देश दिए गए थे। ऐसे में स्टाफ नर्सों पर कार्रवाई मनमानी प्रतीत होती है।
संघ की आपत्तियाँ
संघ का आरोप है कि मरीज को भर्ती कर शिशु रोग विशेषज्ञ को बुलाने की जगह सीधे बाहर दिखाने भेजा गया। SNCU प्रभारी चिकित्सक द्वारा मरीज को देखा गया और रेफर किया गया, जबकि विशेषज्ञ को दिखाना जरूरी था। रेफर पर्ची में ऑक्सीजन सपोर्ट का कोई उल्लेख नहीं था, इसलिए स्टाफ नर्सों पर जिम्मेदारी डालना अनुचित है। जांच समिति निष्पक्ष व सूक्ष्म नहीं रही, इसलिए दूसरी संभाग स्तरीय जांच टीम बनाई जानी चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 सितंबर तक निलंबन वापस नहीं लिया गया और नई जांच समिति गठित नहीं हुई तो 24 सितंबर को दोपहर 1 से 2 बजे तक जिला अस्पताल बलरामपुर परिसर में प्रदर्शन किया जाएगा।साथ ही 29 सितंबर को एक दिवसीय कार्य बाधित कर आंदोलन होगा। यदि इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो जिले भर के अस्पतालों का काम अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी गई है।
बैठक और निर्णय
इस संबंध में 18 सितंबर को जिला चिकित्सालय बलरामपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की बैठक हुई, जिसमें प्रांतीय, संभागीय और जिला स्तरीय पदाधिकारी शामिल रहे। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि निर्दोष स्टाफ नर्सों का निलंबन तत्काल निरस्त न होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में प्रांतीय जगदीश श्रीवास्तव, सचिव अपर्णा दुबे स्टॉप नर्स दीपिका मिंज, प्रतिमा, विनीता, ऊषा, किरण, सुमित्रा, दिलेश्वरी, कुंवारी एक्का मेट्रन, दिलीप गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष संदीप कश्यप, रनजीत यादव ब्लॉक अध्यक्ष क्लाइमेंट कुमार ड्राइवर, सुनील यादव, अनीता यादव, पंकज संगठन के अन्य सदस्य उपस्तिथ थे।










