Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जिला कांग्रेस कमेटी ने विजय मार्च निकालकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं ने इसे देशभर के छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक आंदोलन की जीत बताया। शनिवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन में एकत्रित हुए, जहां से नारेबाजी के साथ विजय मार्च की शुरुआत हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे हाथों में लेकर शिक्षा व्यवस्था और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मार्च शांतिपूर्ण तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकाला गया।

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली
विजय मार्च राजीव भवन से शुरू होकर कचहरी चौक, सदर बाजार, मठ मंदिर चौक, गोल बाजार और बालक चौक से गुजरते हुए घड़ी चौक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर नारेबाजी करते हुए अपनी बात रखी। घड़ी चौक पहुंचने के बाद आयोजित सभा में नेताओं ने कहा कि यह केवल किसी मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं है, बल्कि उन छात्रों के लंबे संघर्ष का परिणाम है जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से किए गए आंदोलनों का प्रभाव अब दिखाई देने लगा है।

कैंडल मार्च की जगह निकाला गया विजय मार्च
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर पहले छात्रों के समर्थन में कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद कार्यक्रम का स्वरूप बदलकर विजय मार्च कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन छात्रों और युवाओं को समर्पित है, जिन्होंने शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार अपनी आवाज बुलंद की। उनके अनुसार, यह आंदोलन केवल किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि छात्र हितों से जुड़े व्यापक मुद्दों का प्रतीक रहा है।
छात्र आंदोलन और संघर्ष का किया उल्लेख
तारिणी चंद्राकर ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई छात्रों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखा। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों, विशेषकर जंतर-मंतर सहित कई शहरों में छात्र लंबे समय तक प्रदर्शन करते रहे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी ने इस पूरे आंदोलन के दौरान छात्रों का समर्थन किया और उनकी मांगों को सार्वजनिक मंचों से लेकर संसद तक उठाने का प्रयास किया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की अभिव्यक्ति बताया।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के लगातार प्रदर्शन और मांगों के बावजूद केंद्र सरकार ने लंबे समय तक उनकी बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे। कांग्रेस ने दावा किया कि विपक्ष के नेताओं ने भी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई और उनकी मांगों को प्रमुखता से रखा। पार्टी नेताओं के अनुसार, विभिन्न राज्यों में हुए आंदोलनों और छात्रों की एकजुटता ने सरकार पर दबाव बनाया, जिसके बाद यह राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया।
छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का दावा
कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि यह विजय मार्च छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष का प्रतीक है। नेताओं ने दोहराया कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर पार्टी आगे भी अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर कांग्रेस भविष्य में भी संघर्ष जारी रखेगी। विजय मार्च के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।
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