Dhirendra Shastri Apology : भगवान राम और भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए बयान के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री विवादों में घिर गए हैं। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने अपने बयान पर माफी मांग ली है, लेकिन राजनीतिक प्रतिक्रियाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने इस मामले में बेहद तीखी टिप्पणी की है। उनके बयान के बाद विवाद ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
विजय वडेट्टीवार ने चौराहे पर ठोकने की कही बात
महाराष्ट्र कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की बातें कहने का अधिकार किसने दिया? उन्होंने कथित टिप्पणी को आस्था और भक्ति के साथ खिलवाड़ बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग जैसी भाषा का इस्तेमाल किया।वडेट्टीवार ने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को चौराहे पर लाकर ठोकना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, किसी भी विवादित टिप्पणी के जवाब में हिंसा की बात कहना भी अपने आप में गंभीर विषय है।

भगवान राम को लेकर कही गई बात पर जताई नाराजगी
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में कहा कि सरकारें धर्म और भगवान के प्रति आस्था की बात करती हैं, लेकिन ऐसे मामलों में उनकी प्रतिक्रिया कहां है? उन्होंने सवाल उठाया कि भगवान राम को लेकर इस तरह की टिप्पणी करने का अधिकार किसी को कैसे मिल सकता है।वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम के बारे में आपत्तिजनक तरीके से बात की। उन्होंने कथित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम के पांच पिता होने जैसी बात कही गई थी। इसी टिप्पणी को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की।

सरकारों और धार्मिक आस्था पर भी उठाए सवाल
विजय वडेट्टीवार ने अपने बयान में सरकारों की धार्मिक आस्था से जुड़ी राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब सरकारें धर्म और भगवान के प्रति श्रद्धा की बात करती हैं, तो उन्हें ऐसे विवादों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।उनका कहना था कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं भगवान राम और भगवान कृष्ण से जुड़ी हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर से माफी मांगे जाने की बात भी सामने आई है।
माफी के बाद भी क्यों नहीं थम रहा विवाद?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की माफी के बावजूद मामला शांत होता दिखाई नहीं दे रहा है। एक तरफ उनके बयान को लेकर नाराजगी जताई जा रही है, तो दूसरी तरफ राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियों ने विवाद को और बढ़ा दिया है।इस पूरे घटनाक्रम में दो अलग-अलग सवाल चर्चा के केंद्र में हैं। पहला, धार्मिक और सार्वजनिक हस्तियों को संवेदनशील विषयों पर किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए? दूसरा, किसी बयान का विरोध करते समय राजनीतिक नेताओं को अपनी भाषा और शब्दों की मर्यादा का कितना ध्यान रखना चाहिए?

राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
भगवान राम और भगवान कृष्ण से जुड़े इस विवाद में अब धार्मिक भावनाओं के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी जुड़ गई है। विजय वडेट्टीवार की टिप्पणी को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और आलोचना के लिए संवैधानिक तथा शांतिपूर्ण तरीके अपनाना जरूरी है।फिलहाल, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की माफी और विजय वडेट्टीवार की तीखी प्रतिक्रिया के बाद यह मामला लगातार चर्चा में है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर अन्य राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

