CG Patwari Strike : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, लेकिन प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल लगातार जारी है। पीवी ऐप (PV App) को हटाने सहित अपनी मांगों को लेकर पटवारी 13 अक्टूबर से आंदोलन कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण राजस्व से जुड़े कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। इसका असर किसानों और आम लोगों पर भी पड़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार ने अब पटवारियों से काम पर लौटने की अपील तेज कर दी है।
पटवारियों को 24 घंटे में काम पर लौटने का अल्टीमेटम
पटवारियों की हड़ताल को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मिली जानकारी के अनुसार, पटवारियों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया है। वहीं, हड़ताल जारी रहने पर सरकार एस्मा लगाने की तैयारी भी कर सकती है।इस बीच आंदोलन में शामिल पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। सरगुजा संभाग में हड़ताल पर गए सभी 819 पटवारियों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, बस्तर संभाग के 123 पटवारियों को निलंबित किया गया है। प्रशासनिक स्तर पर हो रही इस कार्रवाई से आंदोलन पर दबाव बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पटवारियों को दी नसीहत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी पटवारियों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है। मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कर्मचारी हितैषी सरकार है। पटवारियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम पर वापस आना चाहिए।सीएम साय ने कहा कि पटवारियों के काम नहीं करने से आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है। राजस्व विभाग से जुड़े कई जरूरी कार्य प्रभावित होते हैं, जिनका सीधा असर जनता पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को दूसरे तरीकों से भी सरकार के सामने रखा जा सकता है। सरकार उनकी मांगों पर विचार करने के लिए तैयार है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दिया सकारात्मक संकेत
पटवारियों की हड़ताल के बीच कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बयान भी सामने आया है। उन्होंने आंदोलन कर रहे पटवारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है। मंत्री ने कहा कि इस समय किसानों को पटवारियों की जरूरत है। धान खरीदी का महत्वपूर्ण समय नजदीक है, इसलिए पटवारियों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।रामविचार नेताम ने कहा कि पटवारियों की जो भी मांगें हैं, उन्हें लेकर सरकार सकारात्मक सोच रखती है। उन्होंने कर्मचारियों से प्रदेश और किसानों के हित में काम पर लौटने का आग्रह किया। मंत्री के इस बयान को पटवारियों की मांगों पर सरकार के नरम रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
PV ऐप विवाद पर क्या निकलेगा समाधान?
पटवारियों की मुख्य मांगों में पीवी ऐप को हटाने का मुद्दा शामिल है। इसी मांग को लेकर 13 अक्टूबर से आंदोलन चल रहा है। अब एक तरफ सरकार ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, वहीं दूसरी ओर मंत्रियों ने मांगों पर सकारात्मक विचार करने की बात कही है।ऐसे में पटवारियों के सामने हड़ताल जारी रखने या काम पर लौटने का फैसला करने की चुनौती है। धान खरीदी की तैयारियों के बीच इस आंदोलन का समाधान किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण हो गया है।

अब पटवारी क्या करेंगे, सरकार के अगले कदम पर नजर
मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री की अपील के बाद अब सबकी नजर पटवारी संगठनों के अगले फैसले पर टिकी है। यदि पटवारी काम पर लौटते हैं तो राजस्व से जुड़े कार्यों में तेजी आ सकती है। वहीं, हड़ताल जारी रहने पर एस्मा और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।फिलहाल, सरकार की सख्ती और सकारात्मक बातचीत के संकेतों के बीच पटवारी हड़ताल का समाधान निकलने का इंतजार किया जा रहा है।

