Bengaluru SIR Protest : बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में गुरुवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। नागरिक संगठनों और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी, अभिनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज और कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
ध्रुव राठी ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ध्रुव राठी ने आरोप लगाया कि SIR को लेकर निर्वाचन आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता परिवर्तन नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े सवाल उठाना है। राठी ने प्रदर्शन के जरिए SIR प्रक्रिया पर सार्वजनिक बहस की जरूरत पर जोर दिया।
प्रकाश राज बोले- मामला सिर्फ नाम हटाने तक सीमित नहीं
अभिनेता प्रकाश राज ने भी SIR की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विषय नहीं है, बल्कि नागरिकों की गरिमा और अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। प्रकाश राज ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। हालांकि, ये उनके राजनीतिक आरोप हैं।
अभिजीत दीपके ने आंदोलन जारी रखने की बात कही
कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोकतंत्र को कमजोर करने और ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रखने की बात कही, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं देते। दीपके ने प्रदर्शनकारियों से लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाने का आह्वान किया।
महिलाओं और छात्रों समेत बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
फ्रीडम पार्क में हुए प्रदर्शन में महिलाओं और छात्रों समेत समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान लगातार नारेबाजी हुई और प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग उठाई। आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम पूरे कर्नाटक से SIR से कथित तौर पर प्रभावित लोगों की शिकायतें सामने रखने के लिए आयोजित ‘जनता की अदालत’ का हिस्सा था।
पोस्टरों पर दिखे तीखे संदेश और नारे
प्रदर्शन स्थल पर कई पोस्टर और बैनर दिखाई दिए। इनमें ‘Error 404-Name Not Found’, ‘It’s Done Bro, Resign Sir’ और ‘Don’t Erase Us, Hear Us’ जैसे संदेश लिखे थे। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने ‘तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी’, ‘वोट चोरी’ और ‘ज्ञानेश कुमार, अपनी कुर्सी छोड़ो’ जैसे नारे भी लगाए।
मतदाता सूची से नाम हटाने पर इंजीनियर ने जताई चिंता
प्रदर्शन में शामिल सॉफ्टवेयर इंजीनियर मुजीबुर रहमान ने दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि उनका नाम हटाने की मांग वाला Form-7 आवेदन किसने जमा किया। उन्होंने इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए लोगों से एकजुट होने की अपील की।
पुलिस ने सुरक्षा के किए पुख्ता इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने फ्रीडम पार्क और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस के मुताबिक, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान आयोजकों ने SIR को लेकर कथित अनियमितताओं की जांच और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा की मांग दोहराई।
Read More : CEC Row: पूर्व जजों का खुला पत्र, चुनाव आयोग पर आरोपों को लेकर जताई चिंता