Dimaagi Naxal Row : ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट पर घमासान, सौरव दास और गौरव भाटिया आमने-सामने; तीखी बहस से बढ़ा विवाद

‘दिमागी नक्सल’ वाले पोस्ट को लेकर सौरव दास और गौरव भाटिया आमने-सामने आ गए। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद दोनों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। आखिर पोस्ट में ऐसा क्या था, जिस पर विवाद इतना बढ़ गया और गौरव भाटिया ने कैसे पलटवार किया?

Dimaagi Naxal Row : स्वतंत्र भारद्वाज को कथित तौर पर ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने के आरोप को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता गौरव भाटिया और CJP प्रवक्ता सौरव दास के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिली। विवाद की शुरुआत सौरव दास की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक पोस्ट से हुई। दास ने दावा किया कि गौरव भाटिया ने स्वतंत्र भारद्वाज को ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। हालांकि, भाटिया ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताते हुए पोस्ट हटाने और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की।

ads
Adst

सौरव दास ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था विवादित पोस्ट

सौरव दास की ओर से पहले साझा किए गए पोस्ट में स्वतंत्र भारद्वाज के बारे में बेहद तीखी टिप्पणी की गई थी। पोस्ट में दावा किया गया था कि स्वतंत्र भारद्वाज ‘दिमागी नक्सल’ हैं और उनके अंदर जातिवाद का जहर है। साथ ही पोस्ट में यह भी कहा गया था कि बीजेपी का ऐसे व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक और सोशल मीडिया स्तर पर विवाद तेज हो गया और बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस पर तत्काल प्रतिक्रिया दी।

Adst

गौरव भाटिया ने पोस्ट को बताया फर्जी

गौरव भाटिया ने सौरव दास के आरोपों को खारिज करते हुए संबंधित पोस्ट को फर्जी बताया। उन्होंने दास को चेतावनी देते हुए कहा कि पोस्ट हटाकर बिना शर्त माफी मांगने के लिए उन्हें 24 घंटे का समय दिया जा रहा है। भाटिया की इस प्रतिक्रिया के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए। विवाद ने सोशल मीडिया से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का रूप ले लिया।

पोस्ट हटाकर दास ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद सौरव दास ने अपना पहले वाला पोस्ट हटा दिया। इसके बाद उन्होंने एक्स पर सफाई देते हुए कहा कि संबंधित पोस्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया था। हालांकि, पोस्ट हटाने के बावजूद दास ने बीजेपी नेताओं को चुनौती दी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बीजेपी नेताओं का उस बयान से कोई संबंध नहीं है, तो वे वही बात सार्वजनिक रूप से दोहराएं और गौरव भाटिया से व्यक्तिगत तौर पर पूछा कि क्या वह उस कथित बयान से सहमत नहीं हैं।

विवाद के बीच स्वतंत्र भारद्वाज का नाम क्यों आया?

स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर यह पूरा विवाद जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले के बाद सामने आया है। CJP की ओर से आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान CJP एक्टिविस्ट निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर स्वतंत्र भारद्वाज और कुछ अन्य लोगों ने हमला किया था। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से ही आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।

Adst

पॉडकास्ट में भारद्वाज ने हमले को लेकर किया था दावा

मामले को और गंभीर बनाने वाला पहलू स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट में कथित बयान बताया जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने बातचीत के दौरान निशु आजाद के पिता पर हमला करने और उनका सिर फोड़ने की बात कही थी। भारद्वाज ने कथित तौर पर यह भी कहा था कि इस घटना के बाद भी उन्हें जेल नहीं हुई। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कहा था कि दुनिया को इसके बारे में पता होना चाहिए। हालांकि, इस पूरे बयान और उसके संदर्भ को लेकर संबंधित पक्षों के अपने-अपने दावे हैं।

CJP और कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद दर्ज हुआ केस

इस मामले को लेकर CJP और कांग्रेस की टीम ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस की कार्रवाई के तहत उन्हें देर रात उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली लाया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

पटियाला कोर्ट ने पुलिस को दी एक दिन की रिमांड

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। शनिवार को पटियाला कोर्ट ने पुलिस को उनकी एक दिन की रिमांड सौंप दी। अब पुलिस मामले से जुड़े आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और अदालत की प्रक्रिया के आधार पर होगी।

‘दिमागी नक्सल’ विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक गर्मी

स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े मामले के बीच ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अलग राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। एक तरफ बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया कथित पोस्ट को फर्जी बताते हुए माफी की मांग कर रहे हैं, वहीं सौरव दास पोस्ट हटाने के बावजूद बीजेपी से कथित बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने की चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया विवाद और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामले ने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

Read More  :  Shuddhikaran Row : शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस की बड़ी बैठक, सभी दलित सांसद होंगे शामिल; खरगे मुद्दे पर बनेगी रणनीति

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • ओडिशा

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst