Teachers Day 2026: रायपुर में शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। प्रदेश के कुल 63 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित किया गया है। वहीं, चार उत्कृष्ट शिक्षकों को विशिष्ट राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की।
चार शिक्षकों को विशिष्ट स्मृति पुरस्कार से नवाजा गया
समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चार शिक्षकों को अलग-अलग स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार मिला। कोरबा जिले के कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दुर्ग जिले की प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की प्रियंका गोस्वामी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया।
राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षकों की भूमिका को बताया अहम
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और शिक्षक दोनों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी होना जरूरी है। हालांकि, तकनीक का इस्तेमाल विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप किया जाना चाहिए।

‘AI सहायक बने, नियंत्रक नहीं’, राज्यपाल की शिक्षकों को सीख
राज्यपाल ने कहा कि AI को मनुष्य की मदद करने वाला माध्यम बनाना चाहिए, न कि उसे नियंत्रित करने वाला साधन। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को तकनीक के सकारात्मक इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने की अपील की। उनके मुताबिक, AI और डिजिटल संसाधनों का उपयोग ज्ञान हासिल करने, नवाचार को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में किया जाना चाहिए।
तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच स्वतंत्र चिंतन जरूरी
रमेन डेका ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने सूचनाओं की दुनिया को बेहद व्यापक बना दिया है। इसके बावजूद तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता से स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के विद्यार्थियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर दुनिया के कई देशों में चल रही चर्चाओं का भी उल्लेख किया।

संस्कार और जीवन की दिशा गुरु से ही मिलती है
राज्यपाल ने कहा कि तकनीक विद्यार्थियों को जानकारी उपलब्ध करा सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन, प्रेरणा और जीवन की सही दिशा शिक्षक ही दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में गुरु की भूमिका कम होने के बजाय और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षक विद्यार्थियों को तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने सम्मानित शिक्षकों को दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों के समर्पण, मेहनत, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों की पहचान है। मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

बस्तर में स्थानीय बोली के जरिए शिक्षा देने की पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर अंचल में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देने की पहल की गई है। इससे बच्चों के लिए पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज बनाने में मदद मिल रही है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में पैरेंट्स-टीचर मीटिंग को बढ़ावा देकर अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
341 स्कूलों को PM श्री योजना का मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री साय के अनुसार प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के तहत किया गया है। इन स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। सरकार ने शिक्षकों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है।
AI आधारित स्मार्ट स्कूलों से आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और नवाचार को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को शिक्षा में नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
2026-27 के शिक्षक सम्मान के लिए चयनित नामों की घोषणा
समारोह के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री ने आगामी वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों की घोषणा की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस आयोजन के जरिए प्रदेश में शिक्षकों के योगदान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति उनके प्रयासों को सम्मान मिला। साथ ही AI और आधुनिक तकनीक के दौर में शिक्षक की बदलती भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
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