Consumer Court MRP Case: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी करना एक बड़े रिटेल स्टोर को महंगा पड़ गया। रिलायंस स्मार्ट बाजार ने एक किलो चायपत्ती के पैकेट पर एमआरपी से 3 रुपये अधिक वसूलने की गलती की, जिसके चलते जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त फैसला सुनाते हुए 3,000 रुपये का जुर्माना ठोका है। यह मामला सरकंडा निवासी जायरा आमिना (21 वर्ष) से जुड़ा है, जिन्होंने 15 अप्रैल 2025 को सीपत रोड स्थित रिलायंस स्मार्ट बाजार से 1 किलो टाटा अग्नि लीफ टी का पैकेट खरीदा था। चायपत्ती के पैकेट पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 235 रुपये अंकित था, लेकिन दुकानदार ने 238 रुपये का बिल थमा दिया। पहले कंपनी को भेजा नोटिस जायरा आमिना ने सबसे पहले इस अनियमितता को लेकर संबंधित कंपनी से संपर्क किया और 22 अप्रैल को रजिस्टर्ड डाक से विधिवत नोटिस भी भेजा। लेकिन, जब कोई उत्तर नहीं मिला तो उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में सुनाया फैसला आयोग के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल और सदस्यों पूर्णिमा सिंह एवं आलोक पांडे की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि: अधिक मूल्य वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार है, यह उपभोक्ता के साथ की गई सेवा में कमी और धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। अतः आयोग ने रिलायंस स्मार्ट बाजार को आदेश दिया कि: उपभोक्ता से अधिवसूले 3 रुपये वापस करे, 2,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति,और 1,000 रुपये वाद व्यय (लिटिगेशन कॉस्ट) के रूप में कुल 3,003 रुपये 45 दिनों के भीतर अदा करे। क्यों है यह फैसला महत्वपूर्ण? यह फैसला न केवल एक उपभोक्ता की जीत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि हर छोटा आर्थिक उल्लंघन भी गंभीर माना जा सकता है। MRP से ज्यादा राशि वसूलना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत स्पष्ट रूप से अवैध है, चाहे राशि 1 रुपया हो या 100 रुपये। इस निर्णय से छोटे-छोटे लेनदेन में भी पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। बिलासपुर उपभोक्ता आयोग का यह आदेश उन सभी उपभोक्ताओं के लिए मिसाल है, जो सोचते हैं कि छोटे-मोटे मूल्य अंतर के लिए शिकायत करना व्यर्थ है। यह फैसला साफ संकेत देता है कि उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यवसायी नियमों की अनदेखी करता है, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। Read More: Modi Viksit Bharat vision : PM मोदी का ‘विकसित भारत’ विजन, जीएसटी में कटौती, पारिवारिक बचत में वृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण की ओर कदम
















