Donald Trump Hamas warning: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से हमास के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि रविवार शाम 6 बजे तक हमास को एक समझौते पर सहमति जतानी होगी, जिसमें निर्दोष फिलिस्तीनियों को युद्ध क्षेत्र से हटने की व्यवस्था शामिल हो। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर हमास ने इस अल्टीमेटम को नजरअंदाज किया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

7 अक्टूबर की घटना का किया उल्लेख
ट्रंप ने पोस्ट में लिखा कि 7 अक्टूबर को इज़राइल में जो कुछ हुआ, वह नरसंहार से कम नहीं था। उन्होंने हमास पर आरोप लगाया कि इस हमले में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निर्दयता से मौत के घाट उतारा गया। उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि हमास को जवाबदेह ठहराया जाए।”

युद्ध क्षेत्र खाली करने की अपील
पूर्व राष्ट्रपति ने फिलिस्तीनी नागरिकों से अपील की कि वे संभावित बड़े खतरे को देखते हुए युद्धग्रस्त क्षेत्रों को तुरंत छोड़ दें। उन्होंने कहा कि जो लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं, अमेरिका उनकी पूरी देखभाल सुनिश्चित करेगा।
ट्रंप ने कहा, “हमास के लड़ाके पहले ही मारे जा चुके हैं और जो बचे हैं वे पूरी तरह घिरे हुए हैं। अब उनका अंत निकट है। जो बचे हैं, उन्हें भी खोजकर खत्म किया जाएगा।”
समझौते के लिए आखिरी मौका
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि हमास को “एक आखिरी मौका” दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अब मध्य पूर्व में शांति बहाली के लिए प्रतिबद्ध है और क्षेत्र के कई शक्तिशाली और समृद्ध देश भी इसके लिए सहमत हैं।
उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे समय में हैं जहां मध्य पूर्व में शांति की संभावना पहले से अधिक है। लेकिन इसके लिए हमास जैसे आतंकवादी संगठनों को समाप्त करना आवश्यक है।”
डोनाल्ड ट्रंप के इस सख्त रुख से साफ है कि अमेरिका की अगली राजनीतिक रणनीति में मध्य पूर्व की स्थिरता और आतंकवाद पर कड़ा नियंत्रण प्रमुख एजेंडा हो सकता है। हमास को दी गई डेडलाइन और निर्दोष लोगों को सुरक्षित निकालने की अपील इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।










