Russia Ukraine Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय विश्व स्तर पर शांति स्थापित करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं। एक ओर जहां वे इजराइल-हमास संघर्ष को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की दिशा में भी पहल कर रहे हैं। लेकिन इन दोनों ही मुद्दों पर फिलहाल उन्हें कोई ठोस सफलता मिलती नजर नहीं आ रही है।

हमास को ट्रंप की दो टूक
गाजा में चल रहे संघर्ष के बीच ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी है कि अगर उसने शांति वार्ता में देरी की, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि हमास को अब तत्काल शांति प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए, वरना उसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। अमेरिका की शांति योजना के तहत युद्धविराम, बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता के प्रावधान रखे गए हैं, लेकिन हमास की ओर से अभी सहमति नहीं मिल सकी है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में नया मोड़
दूसरी ओर, रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका ने यूक्रेन को लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलें दीं, तो इससे अमेरिका-रूस संबंध पूरी तरह से नष्ट हो जाएंगे। एक रूसी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में पुतिन ने कहा, “यदि अमेरिका ने यह कदम उठाया, तो हमारे संबंधों में कोई सकारात्मक भाव नहीं बचेगा।”
अलास्का शिखर सम्मेलन के बाद भी दूरियां बढ़ीं
हाल ही में अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच शिखर सम्मेलन हुआ था, जिसमें दोनों नेताओं ने शांति की दिशा में काम करने का संकल्प लिया था। लेकिन दो महीने के भीतर ही हालात और भी बिगड़ते दिख रहे हैं। रूस की सेना यूक्रेन में नई मोर्चेबंदी कर रही है, वहीं रूसी ड्रोन कथित रूप से नाटो के हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे हैं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया और ‘कागजी शेर’ की बहस
राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि पुतिन शांति के अपने वादे से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने रूस को “कागजी शेर” कहकर तंज कसा, जिसके जवाब में पुतिन ने भी पलटवार किया और नाटो को उसी शब्द से संबोधित कर डाला।
क्या अमेरिका देगा टॉमहॉक मिसाइलें?
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने पिछले महीने कहा था कि अमेरिका, यूक्रेन को लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलें देने पर विचार कर रहा है। ये मिसाइलें मॉस्को तक भी पहुंच सकती हैं। हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। डोनाल्ड ट्रंप की वैश्विक शांति की रणनीति इस समय दो बड़े मोर्चों—गाजा और यूक्रेन—पर कसौटी पर है। जहां एक ओर हमास और रूस जैसे पक्ष चेतावनी के बावजूद झुकने को तैयार नहीं हैं, वहीं अमेरिका की स्थिति एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
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