Durg Meeting
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की पावन धरा पर ‘राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण’ की पहली ऐतिहासिक बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु ग्रामीण और पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की गति को तेज करना रहा। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख परियोजनाओं, निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन और वित्तीय बजट के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित 17 जिलों के कलेक्टरों को दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक के जितने भी विकास कार्य अभी तक अप्रारंभ हैं या बीच में लटके हुए हैं, उन्हें आगामी 60 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीकृत फंड का समय पर और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों को मिल सके।
उल्लेखनीय है कि इस विकास प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र में राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। बैठक में विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रावासों के उन्नयन, उनकी रखरखाव व्यवस्था और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में सड़कों, सामुदायिक भवनों और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग के युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल बजट आवंटित करना ही प्राधिकरण का उद्देश्य नहीं है, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आधुनिक रोजगार के अवसरों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। जहां ओबीसी आबादी का घनत्व अधिक है, वहां कौशल विकास केंद्रों की स्थापना और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अतिरिक्त फंड आवंटन के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
बैठक के उपरांत मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने धान खरीदी के आंकड़ों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर से 31 जनवरी तक चली ढाई महीने की प्रक्रिया में रिकॉर्ड धान खरीदी हुई है। जो किसान तकनीकी कारणों से छूट गए थे, उन्हें दो दिन का अतिरिक्त समय देकर राहत दी गई। इसके साथ ही, दुर्ग में प्रस्तावित आईटी पार्क को लेकर उन्होंने बड़ी जानकारी दी कि अब तक 40 कंपनियों के साथ एमओयू (MoU) साइन हो चुके हैं। यह आईटी पार्क आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा।
बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर सहित कई मंत्री, सांसद और विधायक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राधिकरण के पास लगभग 80 करोड़ रुपये का बजट है, जिसे राज्य के 18-19 जिलों में प्रभावी ढंग से खर्च किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि छत्तीसगढ़ में कार्यरत पांचों विकास प्राधिकरणों का लक्ष्य समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, ताकि प्रदेश का हर वर्ग मुख्यधारा से जुड़ सके।
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