Earthquake Haryana: हरियाणा के सोनीपत जिले में बीती देर रात अचानक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई, और इसका केंद्र सोनीपत रहा। यह झटके रात 1:47 बजे महसूस किए गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

रात के सन्नाटे में हिल गई ज़मीन
झटके इतने स्पष्ट थे कि कई लोग नींद से जाग गए और घबराकर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप की तीव्रता अधिक नहीं थी, फिर भी लोगों में भय का माहौल देखा गया। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

क्यों आता है बार-बार हरियाणा में भूकंप?
विशेषज्ञों के अनुसार, हरियाणा में भूकंप आना कोई नई बात नहीं है। दरअसल, उत्तराखंड के देहरादून से लेकर हरियाणा के महेंद्रगढ़ तक एक सक्रिय फॉल्ट लाइन गुजरती है। यह फॉल्ट लाइन टेक्टोनिक प्लेट्स की मूवमेंट के कारण सक्रिय रहती है। जब प्लेट्स आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो धरती की सतह पर कंपन उत्पन्न होते हैं, जिससे भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
हरियाणा भूकंपीय दृष्टि से ज़ोन-3 और ज़ोन-4 में आता है, जहां हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आने की संभावना बनी रहती है। खासकर दिल्ली-एनसीआर, रोहतक, सोनीपत, झज्जर और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में इस प्रकार की गतिविधियां समय-समय पर दर्ज की जाती हैं।
प्रशासन अलर्ट, लेकिन सतर्कता ज़रूरी
हालांकि इस बार कोई नुकसान नहीं हुआ, फिर भी प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही भूकंप हल्का हो, लेकिन बार-बार आने वाले झटके किसी बड़े भूकंप का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए लोगों को अपने घरों में भूकंप से बचाव के उपाय जैसे सुरक्षित निर्माण, इमरजेंसी किट, और फर्स्ट एड बॉक्स तैयार रखना चाहिए।
हरियाणा में एक बार फिर धरती डोल उठी है। सोनीपत में आए इस भूकंप ने यह संकेत दे दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं को लेकर लापरवाही नहीं बरती जा सकती। प्रशासन और आम जनता, दोनों को ही मिलकर सतर्क रहना होगा ताकि भविष्य में संभावित नुकसान से बचा जा सके।
Read More : Pathum Nissanka ने रचा इतिहास, T20 एशिया कप में शतक जड़ने वाले पहले श्रीलंकाई बने










