Earthquake: भारत में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके, अरुणाचल प्रदेश और गुजरात में धरती हिली

Earthquake: भारत में एक बार फिर भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा दिया है। सोमवार, 22 सितंबर की सुबह करीब 3 बजे अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है।

ads

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अरुणाचल के सियांग क्षेत्र का ऊपरी हिस्सा था। क्षेत्र में कंपन महसूस किया गया, लेकिन कोई गंभीर प्रभाव नहीं देखा गया। इस साल मार्च में भी अरुणाचल के वेस्ट कामेंग जिले में 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसके अलावा, 2024 में 26 सितंबर को बसार के पास 5.7 तीव्रता वाला एक और भूकंप आया था, जबकि पिछले साल 28 सितंबर को तवांग में भी धरती हिली थी।

Adst

गुजरात के कच्छ में भी धरती हिली

रविवार, 21 सितंबर को गुजरात के कच्छ जिले में दो बार भूकंप आया। पहली बार सुबह 6:41 बजे 2.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र धोलावीरा से 24 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था। इसके बाद दोपहर 12:41 बजे 3.1 तीव्रता का दूसरा झटका आया, जिसका केंद्र भचाऊ से 12 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। इंडियन सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) के अनुसार, दोनों झटकों से किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

बांग्लादेश में भी महसूस हुआ कंपन

भारत से पहले बांग्लादेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। रविवार, 21 सितंबर को दोपहर 12:19 बजे ढाका और उसके आसपास के इलाकों में हल्का भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.0 मापी गई। बांग्लादेश मौसम विज्ञान विभाग (BMD) ने बताया कि इसका केंद्र सिलहट के छातक इलाके में था, जो ढाका से करीब 185 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है।

कामचटका, इंडोनेशिया और फिलीपींस भी रहे प्रभावित

एशिया के अन्य हिस्सों में भी भूकंप की गतिविधि देखने को मिली। रूस के कामचटका प्रायद्वीप में 19 सितंबर को तेज भूकंप दर्ज किया गया। यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, जहां अक्सर 6.0 से अधिक तीव्रता के झटके आते रहते हैं। वहीं, हाल के दिनों में इंडोनेशिया और फिलीपींस में भी धरती हिल चुकी है।हालांकि इन सभी भूकंपों में अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लगातार आ रही भूकंपीय गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते भूकंप से बचाव की तैयारियों को और मजबूत करना होगा, खासकर उन क्षेत्रों में जो भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं।

Adst

Read More : Sita Haran: रावण ने सीता माता का हरण करने के लिए साधु का भेष क्यों धरा? जानें इसके पीछे की सच्चाई

Adst
Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.