Inverter Backup Tips: अक्सर घरों में बिजली जाते ही यह समस्या सामने आती है कि हमारा इनवर्टर पहले की तरह लंबा और बेहतर बैकअप नहीं दे रहा है। लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि शायद उनकी बैटरी पूरी तरह खराब हो चुकी है और उन्हें बाजार से नई बैटरी खरीदने की जरूरत है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत होती है। कई बार हमारी छोटी-छोटी दैनिक गलतियों और उचित रखरखाव या देखरेख की कमी के कारण भी इनवर्टर और उसकी बैटरी का बैकअप काफी हद तक कम हो जाता है।

ऐसी स्थिति में बिना किसी सोचे-समझे बिना वजह किसी महंगे मैकेनिक को घर बुलाने या तुरंत नई बैटरी पर पैसे खर्च करने से पहले कुछ जरूरी तकनीकी जांच कर लेना बेहद समझदारी का काम है। ऐसा करने से आपके पैसों और समय दोनों की भारी बचत हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इनवर्टर का बैकअप अचानक कम होने पर हमें सबसे पहले किन जरूरी बातों पर खास ध्यान देना चाहिए।

बैटरी के डिस्टिल्ड वॉटर के स्तर और टर्मिनलों की नियमित जांच करें
यदि आपके घर में पारंपरिक फ्लडेड लेड एसिड बैटरी वाला इनवर्टर लगा हुआ है, तो सबसे पहले आपको बैटरी के अंदर इलेक्ट्रोलाइट यानी पानी के स्तर की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए। पानी का स्तर कम होने पर बैटरी की कार्यक्षमता और ऊर्जा स्टोर करने की क्षमता तेजी से घटने लगती है। जरूरत महसूस होने पर उसमें कभी भी नल का साधारण पानी न डालें, बल्कि हमेशा केवल शुद्ध डिस्टिल्ड वॉटर का ही उपयोग करें। इसके अलावा बैटरी के मेटल टर्मिनलों पर लगने वाले जंग, उस पर जमने वाली सफेद या हरे रंग की परत और ढीले पड़े हुए तारों के कनेक्शन को भी अच्छी तरह चेक करें। गंदे, जंग लगे हुए या ढीले टर्मिनल बिजली के सही प्रवाह में भारी बाधा डालते हैं, जिसकी वजह से बैटरी ठीक से चार्ज नहीं हो पाती और हमें बैकअप बहुत कम मिलने लगता है।
उपकरणों का बढ़ता लोड और बैटरी की उम्र भी हो सकती है मुख्य वजह
कई बार लोग समय बीतने के साथ इनवर्टर पर पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बिजली के उपकरण और भारी गैजेट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं। उदाहरण के लिए, यदि पहले इनवर्टर पर सिर्फ कुछ सीलिंग फैन और एलईडी लाइट्स ही चलाई जाती थीं, लेकिन अब उसकी जगह पर टीवी, हाई-स्पीड वाई-फाई राउटर, रेफ्रिजरेटर या अन्य आधुनिक उपकरण भी जोड़े जा चुके हैं, तो बैकअप का कम होना पूरी तरह स्वाभाविक है। इसके अलावा, सामान्य तौर पर इनवर्टर की बैटरी की औसत आयु लगभग 3 से 5 साल के आसपास होती है, हालांकि यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप उसका उपयोग और रखरखाव किस प्रकार करते हैं। पुरानी हो चुकी बैटरियां पहले जैसी ऊर्जा स्टोर करने की क्षमता नहीं रख पाती हैं, जिसके कारण बिजली कटते ही वे बहुत कम समय में पूरी तरह डिस्चार्ज हो जाती हैं।
इनवर्टर की चार्जिंग सेटिंग्स, तकनीकी खराबी और समय पर सर्विसिंग देखें
यह भी बेहद जरूरी है कि आप यह जांच करें कि मुख्य बिजली आने पर इनवर्टर आपकी बैटरी को सही तरीके से और पूरी क्षमता के साथ चार्ज कर रहा है या नहीं। आज के समय में आने वाले कई आधुनिक मॉडलों में अलग-अलग बैटरी मोड या चार्जिंग सेटिंग्स दी जाती हैं, जिन्हें हमेशा निर्माता कंपनी के निर्देशों और यूजर मैनुअल के अनुसार ही सेट किया जाना चाहिए। यदि आपका इनवर्टर बार-बार ओवरलोड का संकेत दे रहा है, अजीब या असामान्य बीप की आवाज निकाल रहा है, या फिर बैटरी पूरी तरह चार्ज दिखाने के बावजूद कुछ ही मिनटों में बैठ जाती है, तो यह किसी अंदरूनी तकनीकी खराबी का साफ संकेत हो सकता है। ऐसी जटिल स्थिति में खुद ज्यादा छेड़छाड़ करने के बजाय किसी अधिकृत सर्विस सेंटर या योग्य इलेक्ट्रीशियन से ही अपने इनवर्टर की पूरी जांच कराना सबसे बेहतर विकल्प होता है।
इनवर्टर और बैटरी की लंबी उम्र बनाए रखने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
अपने घर के इनवर्टर और बैटरी की कुल कार्यक्षमता तथा जीवनकाल को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने के लिए कुछ खास बातों का हमेशा कड़ाई से पालन करना चाहिए। हमेशा कम बिजली की खपत करने वाले ऊर्जा-कुशल उपकरणों का ही उपयोग करें और इनवर्टर पर कभी भी उसकी क्षमता से अधिक लोड न डालें। बैटरी के टर्मिनलों को समय-समय पर साफ करते रहें ताकि उन पर कार्बन न जमे, और ट्यूबलर बैटरी में पानी के स्तर को नियमित अंतराल पर चेक करते रहें। इसके अलावा, हमेशा इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इनवर्टर को हमेशा घर के अंदर किसी ऐसी ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर स्थापित किया जाए जहां सीधी धूप या अत्यधिक गर्मी न आती हो, जिससे उसकी बैटरी सुरक्षित रहे।
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