Partha Chatterjee ED Raid
Partha Chatterjee ED Raid : पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल बजते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के आवास पर छापेमारी की है। शनिवार सुबह जब केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के साथ ईडी के अधिकारी चटर्जी के दरवाजे पर पहुंचे, तो पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई। चुनाव से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि शिक्षक भर्ती घोटाले की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ने के लिए यह छापेमारी और पार्थ चटर्जी से आमने-सामने की पूछताछ अनिवार्य हो गई थी।
पार्थ चटर्जी को जब से न्यायालय से जमानत मिली थी, तब से ईडी उन्हें निरंतर पूछताछ के लिए समन जारी कर रही थी। हालांकि, हर बार पूर्व मंत्री ने अपनी खराब सेहत और गंभीर बीमारियों का हवाला देकर पेश होने से दूरी बनाए रखी। उन्होंने जांच एजेंसी को यह सुझाव भी दिया था कि यदि पूछताछ बहुत जरूरी है, तो इसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए या फिर उनके घर पर ही अंजाम दिया जाए। चटर्जी के इसी असहयोग के बाद अंततः ईडी की टीम ने खुद उनके आवास पर दस्तक देने का फैसला किया। बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार हमेशा से एक ज्वलंत मुद्दा रहा है, ऐसे में इस कार्रवाई का सीधा असर आगामी विधानसभा चुनावों के नतीजों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
इस पूरे मामले की जड़ें साल 2022 के उस घटनाक्रम में हैं, जिसने समूचे देश को स्तब्ध कर दिया था। उस दौरान पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट पर छापेमारी की गई थी, जहां से ईडी ने करीब 20 करोड़ रुपये नगद और भारी मात्रा में सोना बरामद किया था। नोटों के उस अंबार की तस्वीरों ने बंगाल सरकार की साख पर गहरा धक्का लगाया था। इसी खुलासे के बाद पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें अपने मंत्री पद से भी हाथ धोना पड़ा था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद, सितंबर 2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से वे 11 नवंबर को जेल से बाहर आ पाए थे।
ईडी की यह कार्रवाई केवल पार्थ चटर्जी तक ही सीमित नहीं रही। शनिवार को जांच एजेंसी ने अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए इस घोटाले से जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसा। एक टीम ने न्यू टाउन स्थित प्रसन्ना रॉय के कार्यालय पर छापा मारा। प्रसन्ना रॉय को इस शिक्षक भर्ती घोटाले में एक प्रभावशाली ‘बिचौलिये’ के रूप में देखा जाता है। इसके साथ ही, राज्य मंत्री और टीएमसी के कद्दावर नेता सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस को भी पूछताछ के लिए साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स बुलाया गया। समुद्र बोस ने अधिकारियों के सामने पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि जांच की आंच अब नए चेहरों तक पहुंच रही है।
जैसे-जैसे मतदान की तारीखें करीब आ रही हैं, ईडी की यह सक्रियता तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है और इसे ‘गड़े मुर्दे उखाड़ने’ के बजाय जनता की कमाई की लूट का हिसाब मांगना करार दिया है। बंगाल के युवाओं के भविष्य के साथ हुए इस खिलवाड़ को विपक्षी दल चुनावी रैलियों में प्रमुखता से उठा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि पार्थ चटर्जी के घर से मिलने वाले नए सुराग इस घोटाले की जांच को किस दिशा में ले जाते हैं और क्या इससे राज्य की सत्ता के समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव आता है।
Stock Market Update: वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार…
Bharatmala Project CG : छत्तीसगढ़ में विकास की रफ्तार और पर्यावरण के संरक्षण के बीच…
Korba News : छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक मंजर…
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की परतों के बीच अब 'छत्तीसगढ़ स्टेट…
CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में कुदरत के तेवर बेहद सख्त हो गए…
Apple New Era: दुनिया की सबसे मूल्यवान टेक कंपनी एप्पल (Apple Inc.) में एक ऐतिहासिक…
This website uses cookies.