ED raid Midnapore: मिदनापुर और झारग्राम में ईडी की बड़ी कार्रवाई,रेत तस्करी गिरोह के ठिकानों से 90 लाख रुपये नकद बरामद

ED raid Midnapore: पश्चिम बंगाल के मिदनापुर और झारग्राम ज़िलों में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने सोमवार को एक रेत तस्करी गिरोह से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर कम से कम 90 लाख रुपये नकद बरामद किए। यह नकदी बैगों, पैकेटों और घर के कोनों में इस तरह छिपाई गई थी कि किसी को शक तक न हो। हालांकि ईडी की पैनी नज़र और घंटों की तलाशी के बाद यह काला धन बाहर आया। कहां से मिली इतनी बड़ी नकदी? जिन दो प्रमुख लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए, वे हैं सौरभ रॉय (मिदनापुर) – एक ठेकेदार से कारोबारी बने व्यक्ति, शेख जहीरुल (गोपीबल्लभपुर, झारग्राम) – एक साइकिल मैकेनिक से रातों-रात कारोबारी बने शख्स । सत्रों के अनुसार, गोपीबल्लभपुर से 26 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई, जबकि शेष राशि सौरभ रॉय के ठिकानों से मिली। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन दोनों की रेत तस्करी नेटवर्क में अहम भूमिका रही है। हवाला और तस्करी कनेक्शन की जांच ईडी अधिकारियों ने अब इस नकदी के स्रोत की गहराई से जांच शुरू कर दी है। यह संदेह जताया जा रहा है कि यह रकम रेत तस्करी से जुड़ी अवैध कमाई है, जिसे हवाला के ज़रिए इधर-उधर भेजा जा सकता था। जांच के दायरे में यह भी है कि कहीं यह पैसा देश के बाहर से किसी अवैध माध्यम से तो नहीं आया? इस मामले में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस गिरोह को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त था। क्योंकि बिना किसी बड़े समर्थन के इतने लंबे समय तक अवैध कारोबार चलाना संभव नहीं लगता। रातों-रात अमीर बनने की कहानी पर सवाल शेख जहीरुल और सौरभ रॉय जैसे लोगों की तेज़ी से बढ़ती आर्थिक हैसियत पर पहले भी सवाल उठ चुके थे। एक साइकिल मैकेनिक से लाखों रुपये के कारोबारी बनने की कहानी ने कई बार प्रशासन का ध्यान खींचा, लेकिन अब जाकर केंद्र की जांच एजेंसी ने बड़ा एक्शन लिया है। क्या है अगला कदम? ईडी अब नकदी को जब्त कर, उसके मनी ट्रेल की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि पैसा किसके लिए रखा गया था? किन खातों में इसका लेन-देन हुआ? क्या इसके तार किसी अंतर्राष्ट्रीय हवाला नेटवर्क से जुड़े हैं? इसके अलावा ईडी आने वाले दिनों में और छापेमारी कर सकती है और राजनीतिक संबंधों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है। मिदनापुर और झारग्राम में ईडी की यह कार्रवाई रेत तस्करी और हवाला कारोबार के खिलाफ एक बड़ा कदम मानी जा रही है। छापेमारी में मिली नकदी ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में अवैध रेत खनन और पैसे के काले खेल का नेटवर्क बेहद गहरा है। आने वाले दिनों में और कई नाम सामने आ सकते हैं। Read More: Rajasthan anti-conversion bill: राजस्थान में धर्मांतरण विरोधी बिल पास, अब गलत धर्म परिवर्तन पर बुलडोजर एक्शन संभव, जानिए क्या हैं प्रमुख प्रावधान

ED raid Midnapore: पश्चिम बंगाल के मिदनापुर और झारग्राम ज़िलों में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने सोमवार को एक रेत तस्करी गिरोह से जुड़े कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी कर कम से कम 90 लाख रुपये नकद बरामद किए। यह नकदी बैगों, पैकेटों और घर के कोनों में इस तरह छिपाई गई थी कि किसी को शक तक न हो। हालांकि ईडी की पैनी नज़र और घंटों की तलाशी के बाद यह काला धन बाहर आया।

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कहां से मिली इतनी बड़ी नकदी?

जिन दो प्रमुख लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए, वे हैं सौरभ रॉय (मिदनापुर) – एक ठेकेदार से कारोबारी बने व्यक्ति, शेख जहीरुल (गोपीबल्लभपुर, झारग्राम) – एक साइकिल मैकेनिक से रातों-रात कारोबारी बने शख्स । सत्रों के अनुसार, गोपीबल्लभपुर से 26 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई, जबकि शेष राशि सौरभ रॉय के ठिकानों से मिली। जांचकर्ताओं का कहना है कि इन दोनों की रेत तस्करी नेटवर्क में अहम भूमिका रही है।

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हवाला और तस्करी कनेक्शन की जांच

ईडी अधिकारियों ने अब इस नकदी के स्रोत की गहराई से जांच शुरू कर दी है। यह संदेह जताया जा रहा है कि यह रकम रेत तस्करी से जुड़ी अवैध कमाई है, जिसे हवाला के ज़रिए इधर-उधर भेजा जा सकता था। जांच के दायरे में यह भी है कि कहीं यह पैसा देश के बाहर से किसी अवैध माध्यम से तो नहीं आया?

इस मामले में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस गिरोह को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त था। क्योंकि बिना किसी बड़े समर्थन के इतने लंबे समय तक अवैध कारोबार चलाना संभव नहीं लगता।

रातों-रात अमीर बनने की कहानी पर सवाल

शेख जहीरुल और सौरभ रॉय जैसे लोगों की तेज़ी से बढ़ती आर्थिक हैसियत पर पहले भी सवाल उठ चुके थे। एक साइकिल मैकेनिक से लाखों रुपये के कारोबारी बनने की कहानी ने कई बार प्रशासन का ध्यान खींचा, लेकिन अब जाकर केंद्र की जांच एजेंसी ने बड़ा एक्शन लिया है।

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क्या है अगला कदम?

ईडी अब नकदी को जब्त कर, उसके मनी ट्रेल की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि पैसा किसके लिए रखा गया था? किन खातों में इसका लेन-देन हुआ? क्या इसके तार किसी अंतर्राष्ट्रीय हवाला नेटवर्क से जुड़े हैं? इसके अलावा ईडी आने वाले दिनों में और छापेमारी कर सकती है और राजनीतिक संबंधों की भी जांच की संभावना जताई जा रही है।

मिदनापुर और झारग्राम में ईडी की यह कार्रवाई रेत तस्करी और हवाला कारोबार के खिलाफ एक बड़ा कदम मानी जा रही है। छापेमारी में मिली नकदी ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में अवैध रेत खनन और पैसे के काले खेल का नेटवर्क बेहद गहरा है। आने वाले दिनों में और कई नाम सामने आ सकते हैं।

Read More: Rajasthan anti-conversion bill: राजस्थान में धर्मांतरण विरोधी बिल पास, अब गलत धर्म परिवर्तन पर बुलडोजर एक्शन संभव, जानिए क्या हैं प्रमुख प्रावधान

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