Chris Woakes Retirement: इंग्लैंड के मशहूर ऑलराउंडर क्रिस वोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है। यह निर्णय इस बार के विंटर एशेज स्क्वाड से उनकी बाहर किए जाने के बाद आया है। 36 वर्ष के वोक्स ने इंग्लैंड के लिए 62 टेस्ट, 122 वनडे और 33 टी20 मैच खेले हैं और अपनी बहुमुखी प्रतिभा से टीम को कई अहम जीत दिलाई हैं।

क्रिकेट करियर की झलक
क्रिस वोक्स ने 2011 में टी20 मैच से इंग्लैंड के लिए पदार्पण किया था, जबकि उनका टेस्ट डेब्यू 2013 एशेज सीरीज के अंतिम मैच में हुआ। उन्होंने अपने करियर में 192 टेस्ट विकेट लिए और 2034 रन बनाए। वनडे में उनके नाम 173 विकेट और 1524 रन हैं, जबकि टी20 में 31 विकेट और 147 रन दर्ज हैं।

वोक्स का नाम 2019 के 50-ओवर विश्व कप और 2022 के टी20 विश्व कप जीतने वाली इंग्लैंड टीम का अहम हिस्सा था। उन्होंने 2023 के एशेज सीरीज में अपनी शानदार गेंदबाजी के लिए कॉम्पटन-मिलर मेडल भी जीता, जिसमें उन्होंने तीन मैचों में 19 विकेट लिए।
अंतिम टेस्ट और संन्यास की घोषणा
इंग्लैंड-भारत के बीच हाल ही में संपन्न हुई टेस्ट सीरीज में वोक्स ने एक साहसिक प्रदर्शन किया। उन्होंने पांचवें टेस्ट के पहले दिन अपनी कंधे की चोट के बावजूद बल्लेबाजी के लिए बाहर आकर अपने टीम के प्रति समर्पण दिखाया। अंतिम दिन, नंबर 11 पर बल्लेबाजी करते हुए, उन्होंने बिना कोई गेंद खेले चार रन बनाए, जो उनकी टीम के लिए महत्वपूर्ण थे।
अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा, “इंग्लैंड के लिए खेलना बचपन का सपना था, जिसे मैं पूरा कर सका। यह मेरे लिए गर्व की बात है। दो विश्व कप उठाने और कई यादगार एशेज सीरीज का हिस्सा बनने का अनुभव कभी नहीं भूलूंगा।”
क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने क्रिस को “खेल के सबसे अच्छे व्यक्तित्वों में से एक” बताया। ECB अध्यक्ष रिचर्ड थॉम्पसन ने उनकी टीम भावना और खेल के प्रति जुनून की तारीफ की। भारतीय पूर्व क्रिकेटर और कोच गौतम गंभीर ने भी उन्हें “आयरन विल वाले खिलाड़ी” और “सबसे बहादुर क्रिकेटर” करार दिया।
इंग्लैंड क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान
क्रिस वोक्स के संन्यास से इंग्लैंड क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि वह जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ियों के बाद टीम के अहम स्तंभ थे। वोक्स ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर इंग्लैंड के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया और वह सफेद गेंद की क्रिकेट में भी इंग्लैंड की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
क्रिस वोक्स का संन्यास इंग्लैंड क्रिकेट के एक युग के अंत का संकेत है। उनके बहुमुखी खेल, समर्पण और टीम भावना को क्रिकेट प्रेमी हमेशा याद रखेंगे। वह न केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी थे बल्कि एक शानदार इंसान भी साबित हुए। अब वह काउंटी क्रिकेट खेलते रहेंगे और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उत्सुक हैं।











