Europe Protests : यूरोप के कई देशों में महंगाई, आवास संकट और सरकारी नीतियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बीच संभावित आतंकी हमलों को लेकर चिंता बढ़ गई है। Euronews और El País की रिपोर्टों के मुताबिक, स्पेन के अधिकारियों ने ऑनलाइन ऐसे कथित जिहादी संदेशों का पता लगाया है, जिनमें चरमपंथियों से प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों और भीड़ को निशाना बनाने की अपील की गई है। इन संदेशों में आत्मघाती हमलों और वाहनों के जरिए लोगों पर हमले करने की बात कही गई है। इस घटनाक्रम के बाद यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
जिहादी प्रचार में प्रदर्शनकारियों और पुलिस को निशाना बनाने की अपील
रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन के गृह मंत्रालय ने इस्लामिक स्टेट से कथित रूप से जुड़े एक ऑनलाइन मंच पर प्रसारित संदेशों को लेकर चेतावनी दी है। इनमें स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस और इटली में जारी प्रदर्शनों के दौरान हमले करने के लिए उकसाया गया। स्पेन के साइबर सुरक्षा समन्वय कार्यालय के आंतरिक दस्तावेज का हवाला देते हुए बताया गया कि चरमपंथियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच संभावित झड़पों का फायदा उठाने के लिए प्रेरित किया गया। हालांकि, इन संदेशों के आधार पर किसी वास्तविक हमले की पुष्टि नहीं हुई है।
फ्रांस में बड़े प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा चिंताएं बढ़ीं
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस में पिछले सप्ताहांत हुए प्रदर्शनों में आठ लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई। कथित चरमपंथी प्रचार में बड़ी भीड़ को संभावित निशाना बनाने की बात कही गई। संदेशों में तथाकथित शहादत के नाम पर आत्मघाती विस्फोट और वाहनों से लोगों को कुचलने जैसे हमलों के लिए उकसाने का उल्लेख है। सुरक्षा एजेंसियां इन संदेशों की गंभीरता और संभावित खतरों का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना और किसी भी हिंसक घटना को रोकना है।
फ्रांस और इटली में हिंसा तथा आगजनी की घटनाएं
यूरोप में विरोध प्रदर्शनों के बीच कुछ स्थानों पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस के लिमोज शहर में सिटी हॉल और ल्योन में पर्यटन मुख्यालय की इमारत को आग से नुकसान पहुंचा। इटली के मिलान में भी हिंसा और आगजनी की घटनाओं की जानकारी दी गई। इन घटनाओं ने प्रदर्शन स्थलों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए हालात पर नजर रख रही हैं।
महंगाई और आवास संकट से नाराज हैं यूरोपीय नागरिक
स्पेन और पुर्तगाल में बढ़ती जीवन-यापन लागत तथा किफायती घरों की कमी को लेकर लोगों में असंतोष है। लिस्बन, पोर्टो और मैड्रिड जैसे शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने अस्थायी शिविर भी बनाए हैं। वहीं, फ्रांस में स्कूलों की स्थिति और शिक्षकों की कमी के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन बाद में व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शन में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने महंगाई, ईंधन की ऊंची कीमतों और सार्वजनिक क्षेत्र के बजट में कटौती पर भी नाराजगी जताई है।
भारत ने फ्रांस, इटली और बेल्जियम में नागरिकों को किया सतर्क
यूरोप में जारी घटनाक्रम के बीच भारत ने फ्रांस, इटली और बेल्जियम में मौजूद अपने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय मिशन स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रख रहे हैं और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने, बाहर निकलते समय सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
भारतीय दूतावासों ने जारी की सुरक्षा संबंधी सलाह
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, फ्रांस और इटली में भारतीय दूतावासों ने भी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीयों और यात्रा की योजना बना रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। मौजूदा हालात में नागरिकों को स्थानीय समाचारों और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। यूरोपीय देशों में प्रदर्शनों और कथित आतंकी प्रचार से जुड़ी चिंताओं के बीच सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी जारी है। हालांकि, किसी संभावित खतरे को वास्तविक हमले की पुष्टि मानना उचित नहीं होगा।
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