Gaza Israel Airstrike: गुरुवार 9 अक्टूबर की रात इजरायल ने गाजा सिटी के सबरा इलाके पर एक बड़ा हवाई हमला किया। यह हमला उस समय हुआ जब इजरायल की कैबिनेट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘गाजा शांति योजना’ पर चर्चा कर रही थी। इस योजना का उद्देश्य गाजा में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को खत्म कर स्थायी शांति स्थापित करना है।

हमले में ढही इमारत, 40 लोग मलबे में दबे
अमेरिकी न्यूज़ नेटवर्क CNN की रिपोर्ट के अनुसार, हमास के नियंत्रण वाली सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि इस हमले में एक बहुमंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई। मलबे में करीब 40 लोग दब गए हैं। गाजा की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने अब तक 4 शव बरामद करने की पुष्टि की है, जबकि दर्जनों लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि निशाना हमास के वे आतंकी थे, जो इजरायली सैनिकों के लिए तत्काल खतरा बन रहे थे। IDF के अनुसार, यह हमला आतंकियों की उपस्थिति और उनकी गतिविधियों के इनपुट पर आधारित था।

गाजा में अब तक 30 लोगों की मौत
गाजा के अल-शिफा अस्पताल के निदेशक डॉ. मोहम्मद अबू सलमिया ने जानकारी दी कि बुधवार शाम से लेकर अब तक कुल 30 फिलिस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
ट्रंप का शांति समझौता और सीजफायर की घोषणा
हमले से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि इजरायल और हमास ने सीजफायर के पहले चरण पर सहमति जता दी है। ट्रंप ने इस समझौते को “ऐतिहासिक” करार देते हुए कहा कि यह उनके 20-सूत्रीय शांति योजना का हिस्सा है, जिसके तहत:
हमास सभी बंधकों को रिहा करेगा।
इजरायल अपनी सेना को सहमत सीमा तक पीछे हटाएगा।
ट्रंप ने यह भी आशा जताई कि अगले 1-2 दिनों में सभी बंधक रिहा हो जाएंगे।
अमेरिकी सैनिक करेंगे निगरानी
फ्रांस की समाचार एजेंसी AFP के अनुसार, करीब 200 अमेरिकी सैनिकों को गाजा में तैनात किया जाएगा, जो युद्धविराम (truce) की निगरानी और बंधकों की रिहाई प्रक्रिया को सुचारु बनाने में मदद करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू के बीच बातचीत
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने शांति समझौते और बंधकों की रिहाई के लिए नेतन्याहू को बधाई दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट में कहा गया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंधकों की रिहाई के लिए हुए समझौते पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू को शुभकामनाएं दीं।”
जहां एक ओर अमेरिका और इजरायल शांति बहाल करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गाजा में हुए ताजा हमले ने संघर्ष को और गहरा कर दिया है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि ट्रंप की शांति योजना वास्तव में सफल होगी या नहीं।
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