Habib Ahmed Passes Away: भारतीय हेयरस्टाइलिंग की दुनिया एक चमकदार सितारे को खो चुकी है। देश के सुप्रसिद्ध हेयर स्टाइलिस्ट हबीब अहमद का 25 सितंबर को मुंबई में निधन हो गया। उनके बेटे और हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने सोशल मीडिया पर इस दुखद खबर की घोषणा की। हबीब अहमद न केवल बालों के विशेषज्ञ थे, बल्कि वे एक सांस्कृतिक प्रतीक भी थे जिन्होंने हेयरस्टाइलिंग को भारत में एक सम्मानित कला में बदल दिया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के स्टाइलिस्ट हबीब अहमद का नाम भारतीय राजनीति और विज्ञान के दिग्गजों के साथ जुड़ा रहा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लुक को नया आयाम दिया तो वहीं पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के चांदी से चमकते बालों को स्टाइल किया। उनकी कला ने इन महापुरुषों की छवि को मजबूती और पहचान दी। विरासत में मिला कैंची-कंघी का हुनर हबीब अहमद का जन्म 2 अक्टूबर 1940 को मुज़फ़्फ़रनगर के जलालाबाद के पास हुआ था। उनकी पारिवारिक विरासत भी इस कला से जुड़ी थी। उनके पिता नज़ीर अहमद ब्रिटिश भारत के वायसराय के हेयर स्टाइलिस्ट थे और बाद में डॉ. राजेंद्र प्रसाद से लेकर भारत के कई राष्ट्रपतियों के निजी स्टाइलिस्ट के रूप में कार्यरत रहे। लंदन से प्रशिक्षण और भारत में सैलून की शुरुआत हबीब ने लंदन के प्रसिद्ध मॉरिस स्कूल से प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में ओबेरॉय ग्रुप के साथ अपने कौशल को निखारा। 1983 में उन्होंने मुंबई के लोदी होटल में “हबीब्स हेयर एंड ब्यूटी सैलून” की स्थापना की। इसके बाद उनके कई सैलून और हेयर अकादमी देश के विभिन्न हिस्सों में खुलते गए। परिवार द्वारा विरासत का आगे बढ़ना हबीब अहमद की विरासत उनके बेटे जावेद हबीब, परवेज हबीब और अमजद हबीब के माध्यम से जीवित है। जावेद हबीब ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए पूरे देश में अपने नाम का सैलून और हेयरस्टाइलिंग ब्रांड स्थापित किया है। जावेद ने अपने पिता के निधन पर इंस्टाग्राम पर भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय हेयरस्टाइलिंग के एक युग का अंत हबीब अहमद के निधन से भारतीय हेयरस्टाइलिंग की दुनिया एक युग के अंत का सामना कर रही है। उन्होंने न केवल इस पेशे को ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि नई पीढ़ी के स्टाइलिस्टों के लिए एक मिसाल कायम की। उनका जीवन और कार्य भारतीय फैशन व सौंदर्यशास्त्र के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। हबीब अहमद का जाना एक कला और विरासत का बड़ा नुकसान है। उनकी सेवाएं और योगदान सदैव याद किए जाएंगे। भारतीय हेयरस्टाइलिंग उद्योग को उन्होंने एक नई पहचान दी, जो आने वाले वर्षों तक कायम रहेगी। Read More : Sonam Wangchuk Arrest: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सियासत गर्म, कांग्रेस बोली- ‘ध्यान भटकाने की साज़िश’, केजरीवाल ने किया ‘रावण’ से तुलना
















